केएस यादव
सिरकोनी, जौनपुर। स्थानीय विकास खण्ड के बाकराबाद ग्रामसभा के प्रधान एवं सचिव के ऊपर कुछ लोगों ने भ्रष्टाचार का आरोप लगाकर खण्ड विकास अधिकारी नीरज जायसवाल को प्रार्थना पत्र दिया। इसको लेकर जब पत्र—प्रतिनिधि उक्त गांव पहुंचकर जानकारी लिया तो तो ग्रामीणों ने भ्रष्टाचार के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया।
बता दें कि शिकायतकर्ताओं ने ग्राम प्रधान पोल्हन मौर्य एवं सचिव आरती मौर्य पर अनियमितता का आरोप लगाया था। साथ ही यह भी कहा था कि शिकायत के बाद जांच टीम गठित तो हुई लेकिन कार्यवाही केवल कागजों तक ही सीमित रह गया है। वहीं ग्राम प्रधान एवं सचिव ने उनके ऊपर लगाये गये आरोपों को खारिज करते हुये कहा कि इसकी सच्चाई ग्रामवासियों से पूछना चाहिये।
इसी को लेकर पत्र—प्रतिनिधि ने गांव में टहल करके लोगों से जानकारी प्राप्त किया। इसी क्रम में ग्राम प्रधान एवं सचिव से पूछे जाने पर दोनों ने एक स्वर में कहा कि उनके द्वारा काफी विकास कार्य हुआ है तथा हो भी रहा है। अनियमितता का आरोप एकदम गलत है।
ग्रामवासी राजकुमार मौर्य ने बताया कि प्रधान एवं सचिव पर लगाये गये आरोप गलत हैं। विकास कार्य हुआ है। इस पंचवर्षीय में सबसे अधिक काम हुआ है।
गांव के राज सिंह ने बताया कि हमारे गांव में विकास कार्य हुआ है। जो लोग आरोप लगा रहे हैं, वह झूठा है।
गांव की आशा चौबे ने बताया कि प्रधान पर लगाया गया आरोप गलत है। जो रोड 25 साल से नहीं बना था, उसे वर्तमान प्रधान ने बनवाया है।
ग्रामीण बनारसी चौहान ने बताया कि बरबसपुर से लेकर चेकवेदा तक हर पुरवे में विकास कार्य हुआ है।
ग्रामवासी प्रदीप गौतम ने बताया कि गांव में विकास कार्य लगातार हो रहा है।
गांव के ही बालेश्वर चौबे ने बताया कि कोई भी भ्रष्टाचार ग्राम प्रधान व सचिव द्वारा नहीं किया गया है। सबका काम एक साथ नहीं हो सकता है।
उक्त गांव निवासी भगवती सिंह ने बताया कि उपरोक्त दोनों पर लगाये गये सारे आरोप बेबुनियाद हैं।
ग्रामीण गुड्डू सिंह ने बताया इस समय जितना विकास कार्य हुआ, उतना कभी भी नहीं हुआ था।
इस संदर्भ में खण्ड विकास अधिकारी सिरकोनी नीरज जायसवाल से बात की गई तो उन्होंने बताया कि शिकायतकर्ता ने बिना साक्ष्य के ही प्रार्थना पत्र दिया है। फिलहाल इसको लेकर जांच कमेटी गठित है। कमेटी में ए.डी.ओ. आईएसबी तथा जे.इ.आर.डी. जांच अधिकारी हैं। जांच के बाद सारी सच्चाई खुद—ब—खुद सामने आ जायेगी।
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