राजेपुर त्रिमुहानी के रामेश्वर महादेव मंदिर पर 'गोमती जीवन यात्रा' का हुआ आयोजन
जफराबाद के पूर्व विधायक डा. हरेन्द्र प्रताप के नेतृत्व में उमड़ा जनसैलाब
केराकत एवं चन्दवक में हुआ जोरदार स्वागत, आध्यात्मिक चेतना से जुड़ रहे लोग
अमित सिंह
जौनपुर। आदि गंगा गोमती के अस्तित्व को बचाने और इसके पारिस्थितिकी तंत्र को पुनर्जीवित करने के संकल्प के साथ निकली 'गोमती जीवन यात्रा' मंगलवार को अपने 24वें पड़ाव पर जौनपुर के राजेपुर स्थित सई-गोमती संगम (त्रिमुहानी) पहुँची। यहाँ रामेश्वर महादेव मंदिर के प्रांगण में वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान के साथ हवन-पूजन किया गया।
यज्ञ में मुख्य रूप से उपस्थित पूर्व विधायक डॉ. हरेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि नदियाँ केवल जल का स्रोत नहीं, बल्कि साक्षात जीवनदायिनी माँ हैं। गोमती का संरक्षण अब केवल एक अभियान नहीं रह गया है, बल्कि यह हमारी आने वाली पीढ़ी के भविष्य को सुरक्षित रखने का एक पवित्र संकल्प है। संगम तट पर भारी संख्या में जुटे ग्रामीणों और श्रद्धालुओं ने नदी को प्रदूषण मुक्त बनाने की शपथ लिया।
आध्यात्मिक चेतना से जन-भागीदारी
'यूथ इन एक्शन इंडिया' के राष्ट्रीय अध्यक्ष शतरूद्र प्रताप सिंह ने यात्रा के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भगवान राम के वनगमन की साक्षी रही इस पावन नदी को सहेजना हर नागरिक का नैतिक कर्तव्य है। जहाँ शासन-प्रशासन वैज्ञानिक और तकनीकी स्तर पर कार्य कर रहा है, वहीं यह यात्रा 'यज्ञ' और 'अध्यात्म' के माध्यम से समाज के हर व्यक्ति को भावनात्मक रूप से जोड़ने का प्रयास कर रही है। यात्रा का केराकत और चंदवक पहुँचने पर स्थानीय लोगों ने पुष्प वर्षा कर भव्य स्वागत किया। राजेपुर में आयोजित विशेष अनुष्ठान के दौरान ब्लॉक प्रमुख सिरकोनी बंसराज सिंह, शैलेंद्र सिंह, पंकज सिंह सहित बड़ी संख्या में प्रबुद्ध जन और क्षेत्रीय नागरिक उपस्थित रहे।
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