Jaunpur News: राष्ट्रवादी नौजवान सभा का तृतीय स्थापना दिवस मना

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Jaunpur News: राष्ट्रवादी नौजवान सभा का तृतीय स्थापना दिवस मना




शहादत दिवस पर संगोष्ठी का हुआ आयोजन

शुभांशू जायसवाल

जौनपुर। शहर के एक मोटल में राष्ट्रवादी नौजवान सभा के तृतीय स्थापना दिवस एवं शहीदों के बलिदान दिवस पर शहर के उत्सव मोटल में संगोष्ठी का आयोजन हुआ। कार्यक्रम में सभा के संस्थापक व जौनपुर के पूर्व सांसद धनंजय सिंह ने बतौर मुख्य वक्ता शिरकत किया। वहीं मुख्य अतिथि के रूप में हरदोई से आये मयूर कपूर (भगत सिंह के साथी एवं शहीद क्रांतिकारी जयदेव कपूर के प्रपौत्र) एवं राम नारायण आजाद (साथी चंद्रशेखर आजाद) के सुपौत्र बॉबी दुबे जी उपस्थित रहे।

बतौर मुख्य अतिथि बॉबी दुबे ने शहीदों के सपनों के भारत के निर्माण पर बल दिया तो मयूर कपूर ने अपने दादा शहीद जयदेव कपूर और भगत सिंह के संस्मरण साझा किया। वहीं भारतीय सेना से सेवानिवृत्त कैप्टन अजीत पांडेय व संगठन के प्रबंधक प्रमोद शुक्ला ने संबोधित किया।

कार्यक्रम का संचालन अनिल अस्थाना ने किया। कार्यक्रम का समापन व आभार प्रदर्शन राष्ट्रवादी नौजवान सभा के अध्यक्ष नवीन सिंह ने किया। इस अवसर पर सभा के पदाधिकारी, सहयोगी, भारी संख्या में क्षेत्रीय युवा, प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित रहे।


शहीदों के विचारों को जीवन में उतारें: धनंजय

संस्थापक धनंजय सिंह ने अपने संबोधन में व्यवस्था में 'सुधार' पर जोर देते हुए कहा, "आज समाज को स्वतः जिम्मेदार होने की आवश्यकता है। हमें प्राथमिक और माध्यमिक सरकारी शिक्षा तंत्र को भी उतना ही मजबूत बनाना होगा जितना हमारा उच्च शिक्षा का तंत्र है।" उन्होंने भ्रष्टाचार और सामाजिक कुरीतियों जैसे दहेज व नशे के खिलाफ भी आवाज उठाई और युवाओं को जागरूक नागरिक बनने की प्रेरणा दिया।

जनप्रतिनिधि का लक्ष्य जनता की सेवा: बृजेश

सभा के संरक्षक एवं एमएलसी बृजेश सिंह ने कहा, "शहीदों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। उनके विचार आज भी हमें मार्ग दिखाते हैं। एक जनप्रतिनिधि के रूप में मेरा लक्ष्य शुचिता के साथ जनता की सेवा करना है।" उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे केवल इतिहास न पढ़ें, बल्कि शहीदों के चरित्र को अपने जीवन में उतारें।

अवकाशप्राप्त फौजियों को किया गया सम्मानित

कार्यक्रम की अंतिम कड़ी में देश की सेवा कर लौटे जनपद के तमाम रिटायर्ड फौजियों को अंगवस्त्र व स्मृति चिन्ह भेंट करके सम्मानित किया गया। इस दौरान क्रांतिकारी परिजनों व पूर्व फौजियों के सम्मान में पूरा परिसर तालियों की गड़गड़ाहट से गूँज उठा।


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