गोबरा में युवक की पीट-पीटकर हत्या, खाकी पर उठे सवाल
परिजनों की मांग- एसआईटी से करायी जाय जांच
गांव में तनाव को देखते हुये लगा पुलिस का पहरा
गुड़िया राज
चन्दवक, जौनपुर। स्थानीय क्षेत्र के गोबरा गांव में रात करीब सवा 10 बजे हड़कंप मच गया। गांव के ही एक युवक को लोगों ने बेरहमी से इतना पीटा कि वह अधमरा हो गया। उपचार कराने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बीरीबारी ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मौत की खबर होते ही ग्रामीणों में मातम छा गया। घटना की जानकारी होते ही क्षेत्राधिकारी अजीत रजक व चंदवक थाना प्रभारी मौके पर पहुंच मामले की जानकारी ली। साथ ही गांव में तनाव को देखते हुए सुरक्षा के दृष्टिगत पुलिस का पहरा लगा दिया।
विधि का छात्र था मृतक, दीवानी में कर रहा था इण्टर्नशिप
मृतक सच्चिदानंद मिश्र प्रयागराज के एक निजी कॉलेज से विधि की पढ़ाई कर रहा था। इधर कुछ दिनों से वह दीवानी कचहरी में एड. गौरव शुक्ला के कार्यकारिणी में सदस्य के रूप में कार्यरत था। आरोप है कि गांव के विष्णु मिश्रा व उसके साथी कुछ दिनों से पुरानी रंजिश को रखते हुए जान से मारने की धमकी दे रहे थे। रविवार की रात करीब सवा 10 में सच्चिदानंद को फोन करके घर से बुलाकर पाही पर ले गये और बेरहमी से पीटकर घायल कर दिये जिसे उपचार के दौरान चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिये।
मृतक का शिकायती पत्र व वीडियो हो रहा वायरल
हत्या के 3 दिन पूर्व मृतक सच्चिदानंद ने पुलिस को एक प्रार्थना पत्र देकर अपनी जान का खतरा बताया था। अब उसका एक वीडियो और प्रार्थना पत्र सोशल मीडिया में जमकर प्रसारित हो रहा है। मृतक युवक थाने व पुलिस अधीक्षक को दिए गए प्रार्थना पत्र में जानमाल का खतरा बताकर न्याय की गुहार लगाई थी। मृतक यही नहीं रुका। वह बकायदा सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर विपक्षियों से जान का खतरा बताया जो जमकर वायरल हो रहा है। वीडियो के वायरल होने पर लोग पुलिस की घोर लापरवाही को बताते हुए खाकी पर गंभीर सवाल खड़ा कर रहे है। हालांकि ऐसी किसी भी वीडियो व पत्रक के सत्यता की पुष्टि अखबार नहीं करता है।
पुरानी रंजिश खूनी संघर्ष में हुई तब्दील
मृतक सच्चिदानंद के परिवार वालों ने बताया कि कई दिनों से गांव के विष्णु मिश्रा व उसके साथी रंजिशन सच्चिदानंद को जान से मारना चाहते थे जिसके लिए मृतक सच्चिदानंद ने अपनी जान को खतरा बताते हुए थाना चंदवक पुलिस में एक लिखित शिकायत दिया। आरोप है कि पुलिस मामले में कार्रवाई करने के बजाय 3 दिन तक पुलिस थाने पर बुलाकर मामले में टाल मटोल करती रही। परिजनों का मानना है कि यदि पुलिस समय रहते कार्यवाही कर देती तो सच्चिदानंद की जान शायद बच सकती थी।
बेटे को विश्वास में लेकर बुलाया गया घटनास्थल: रामचरण
मृतक के पिता रामचरण ने बताया कि मेरे बेटे को विश्वास में लेकर उसे फोन करके किसी ने विष्णु के पाही पर बुलाया और कई लोगों ने उसे मारा जिससे उसकी मौत हो गई। पिता ने कहा कि पुलिस को भी 3 दिन पहले ही मेरे बेटे ने शिकायत करते हुए अपनी जान का खतरा बताया था लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। अंततः मेरे बेटे की हत्या कर दी गई।
एसआईटी का गठन कर करायी जाय जांच: तीर्थराज
मृतक के मामा तीर्थराज ने मीडिया से बातचीत करते हुए बताया कि इस मामले में पुलिस के बड़े अधिकारी की निगरानी में एक एसआईटी का गठन कर जांच कराई जाय। साथ ही उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि अगर पुलिस पहले ही सक्रिय हो जाती तो आज मेरे भांजे की जान बच सकती थी।
मामले का ऑडियो जमकर हो रहा वायरल
मृतक व विपक्षी के बीच फोन पर हुई बातचीत का ऑडियो अब सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। वायरल ऑडियो में साफ सुना जा सकता है कि मृतक पर विपक्षी गलियों की बौछार करने के साथ ही जान से मारने की धमकी दे रहा हैं। वहीं मृतक अपनी जान को बचाकर दस दिन बाद घर आने की बात करते हुए कानूनी कार्रवाई कराने को कह रहा है। हालांकि ऐसी किसी भी ऑडियो के सत्यता की पुष्टि अखबार नहीं करता है।
दो नामजद अभियुक्तों को गिरफ्तार करके भेजा गया जेल: एसपी सिटी
एसपी सिटी आयुष श्रीवास्तव ने बताया कि सच्चिदानंद मिश्रा की हत्या होने की सूचना मिलने पर तत्काल मौके पर पहुंच शव को कब्जे लेकर पोस्टमार्टम हेतु भेजा गया। परिजनों के तहरीर के आधार पर सुसंगत धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कराया गया। जांच में यह सामने आया कि विष्णु मिश्रा को अपनी पत्नी के अवैध संबंध के शक में उसने सच्चिदानंद के सिर पर लाठी से प्रहार किया जिससे उसकी मौत हो गई। इस संदर्भ में पुलिस द्वारा दो नामजद अभियुक्तों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा रहा है।
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