पात्रों को सरकार से संचालित योजनाओं का शत—प्रतिशत लाभ दिलाने जाने के दिये गये निर्देश
तेजस टूडे ब्यूरो
जौनपुर। उत्तर प्रदेश विधान परिषद की दैवीय आपदा प्रबंधन जांच समिति की बैठक सर्किट हाउस सभागार वाराणसी में सभापति लालजी प्रसाद निर्मल की अध्यक्षता में जौनपुर के जिलास्तरीय अधिकारियों के साथ में हुई जहां जनपद में आपदा से संबंधित शासकीय योजनाओं के क्रियान्वन एवं लाभान्वित लोगों के संबंध में गहन समीक्षा की गई। इस दौरान सभापति सहित सदस्यगण डॉ0 प्रज्ञा त्रिपाठी, सदस्यगण ने आपदा प्रबंधन से जुड़े सभी अधिकारियों से हीट वेव/लू, नदी में बाढ़ की स्थिति, नाव दुर्घटना, पानी में डूबने, आकाशीय बिजली, पशु हानि, सर्पदंश, आगजनी आदि के संबंध में विस्तृत जानकारी लेते हुए गहन समीक्षा किया।
इस दौरान जिलाधिकारी ने समिति के समक्ष जिले में आपदा प्रबंधन के संबंध में विस्तार से बिंदुवार जानकारी देते हुए किए गए नवाचारों पर अपनी प्रस्तुति दी। सभापति ने आपदा के दौरान घायलों को राहत एवं सहायता अनुदानों को प्रदान करने के निर्देश दिए। साथ ही नदी के गहराई वाले क्षेत्रों के अलावा अन्य जरूरी स्थानों पर में साइन बोर्ड/चेतावनी बोर्ड लगाने को कहा जिससे डूबने से मरने वालों की संख्या में कमी लाई जा सके।
समिति ने आगजनी के दौरान बचाव हेतु अग्निशमन विभाग को बिजली विभाग से समन्वय स्थापित कर इस प्रकार की घटनाओं का न्यूनीकरण करने का निर्देश दिया। सर्पदंश के मामलों में मुख्य चिकित्सा अधिकारी को पुलिस की मौजूदगी में ही पोस्टमार्टम कराने के निर्देश दिये जिससे सर्पदंश से प्रभावित व्यक्ति को राहत अनुदान सहित अन्य लाभ मिलने में कोई समस्या ना हो। जिला अस्पताल सहित समस्त सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता के साथ ही एंटीवेनम इंजेक्शन की व्यवस्था भी सुनिश्चित करने को कहा। समिति ने संचारी रोगों, विशेष कर डेंगू एवं मलेरिया से बचाव हेतु अतिरिक्त प्रयास करने के भी निर्देश मुख्य चिकित्सा अधिकारी को दिये।
जिलाधिकारी जौनपुर ने समिति का आभार व्यक्त करते हुए सभापति को आश्वस्त कराया कि समिति द्वारा दिए गए दिशा निर्देशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित कराया जाएगा। बैठक में अपर पुलिस अधीक्षक शहरी आयुष श्रीवास्तव, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व परमानन्द झा, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ0 गोरखनाथ पटेल, ई0ओ0 नगर पालिका पवन कुमार, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी, एक्सईएन लोक निर्माण विभाग, सिंचाई विभाग, डीपीआरओ सहित आपदा प्रबंधन से जुड़े समस्त अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
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