जौनपुर। राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ के निर्देशन एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में जनपद न्यायाधीश सुशील शास्त्री के नेतृत्व और सचिव पूर्णकालिक सिविल जज सुशील सिंह की देख—रेख में साक्षरता जागरूकता कार्यक्रम हुआ। लिंग की समानता स्थायी राष्ट्रीय लोक अदालत लिंग चयन और बच्चों के लिंग में गिरावट कन्या भ्रूण हत्या के विषयक कार्यक्रम नगर के शाहगंज पड़ाव पर स्थित एक कालेज में हुआ। शिविर में सिविल जज सीनियर डिवीजन/सचिव सुशील सिंह, डिप्टी चीफ डिफेंस काउंसिल डॉ. दिलीप सिंह, अधिवक्ता संघ के सुभाष चंद्र यादव, विजयशंकर यादव, रजनी सिंह, आरपी सिंह सहित तमाम गणमान्यजन, शिक्षक, शिक्षिकाएं, छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के वंदना के साथ हुआ जिसके बाद सभी उपस्थित अतिथियों का माल्यार्पण से स्वागत आ। इसके बाद छात्र—छात्राओं ने स्वागत गीत, सरस्वती मां के गीत सहित अन्य कार्यक्रम प्रस्तुत किया।
इस मौके पर सुशील सिंह ने कहा कि चोपराधिकरण वर्तमान में अपने कार्य और उद्देश्य के बारे में बहुत व्यापक हो चुका है। इसमें महिलाओं बच्चियों और पीड़ित व्यक्तियों को निःशुल्क सहायता प्रदान की जाती है। विद्वान और योग्य अधिवक्ता, पैनल लायर, पैरालीगल वॉलिंटियर्स सहित अन्य सदस्यगण विद्यमान है जो प्राधिकरण के साथ मिलकर पूरी तरह से निशुल्क सहायता देने में मदद करते हैं।
डा. दिलीप सिंह ने बताया कि जब देश में मुकदमा की संख्या करोड़ों की संख्या में पर हो गए तब जस्टिस पीएन भगवती और जस्टिस भी कृष्णा अय्यर के नेतृत्व में गंभीर विचार विमर्श के बाद विधिक सेवा अधिनियम के अंतर्गत राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण की स्थापना की गई। उसके बाद सफलता से प्रभावित होकर जल्दी ही संपूर्ण भारत में राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण और सभी जिलों में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की स्थापना की गई।
दीवानी न्यायालय अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष सुभाष चंद्र यादव ने मध्यस्थता केंद्र, रजनी सिंह एवं विजय शंकर श्रीवास्तव ने स्थायी लोक अदालत, उस्मान अली ने विधियों के बारे में बताया।
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