रियाजुल हक
जौनपुर। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव एवं उत्तर प्रदेश विधानसभा के जौनपुर सदर से पूर्व विधायक मोहम्मद अरशद खान ने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इज़राइल दौरे पर एक मजबूत और गहन मानवीय दृष्टिकोण से अपना वक्तव्य जारी किया। यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब पूरी दुनिया ग़ज़ा में अभूतपूर्व मानवीय त्रासदी की साक्षी बन रही है। आज जब ग़ज़ा में नागरिकों की विनाशकारी मृत्यु से वैश्विक अंतरात्मा झकझोर दी गई है, जब मासूम बच्चों की निर्जीव देह मलबे के नीचे से निकाली जा रही है जब हजारों माताएँ अपने बच्चों के अपूरणीय नुकसान पर शोकमग्न हैं और जब लाखों नागरिक पीड़ा, चोट, विस्थापन और निराशा में जीवन जीने को मजबूर हैं। ऐसे समय में प्रधानमंत्री का यह दौरा अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने गंभीर नैतिक, मानवीय और नैतिक प्रश्न खड़े करता है।
उन्होंने बताया कि ग़ज़ा के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार अब तक 72,000 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। ये केवल आँकड़े नहीं हैं। ये टूटे हुए परिवारों, बर्बाद भविष्य और मानवता की अंतरात्मा पर लगे गहरे घाव का प्रतीक हैं। यह त्रासदी वैश्विक न्याय, मानव गरिमा और सभ्य समाज के मूल सिद्धांतों की नींव को हिला रही है। महात्मा गांधी और बौद्ध की धरती भारत जो शांति, अहिंसा, न्याय और नैतिक साहस का शाश्वत प्रतीक है। ऐतिहासिक रूप से हमेशा उत्पीड़ितों, वंचितों और अन्याय के शिकार लोगों के साथ खड़ा रहा है। भारत की वैश्विक पहचान शांतिपूर्ण सहअस्तित्व, मानवाधिकारों और नैतिक नेतृत्व के सिद्धांतों पर आधारित रही है।
पूर्व विधायक ने कहा कि आज दुनिया को और अधिक हथियारों की नहीं, बल्कि न्याय की आवश्यकता है। दुनिया को मौन की नहीं, बल्कि नैतिक साहस की आवश्यकता है। दुनिया को राजनीतिक तटस्थता की नहीं, बल्कि मानवता पर आधारित सिद्धांतपरक नेतृत्व की आवश्यकता है। इतिहास केवल नेताओं के कार्यों को ही नहीं, बल्कि अन्याय के क्षणों में उनकी चुप्पी को भी याद रखता है। अब बोलने का समय है। अब कार्य करने का समय है।मानवता की विजय हो। न्याय की विजय हो।
.jpg)







