चोर को मिली ऐसी सजा कि अब पता भी नहीं पायेगा कि उसने चोरी की है या नहीं?
जौनपुर। घाघरा चोरी मामले में पुलिस ने लहंगा बरामद कर लिया। इसको लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म रहा कि तभी चोर की भी मौत हो गयी। आरोप है कि इस मामले में गिरफ्तार अजीत गौतम को पुलिस ने 4 दिन तक लॉकअप में रखा और बुरी तरह से पीटा। इसके बाद उसका चालान न्यायालय कर दिया जहां से भेजे गये जेल में अगले ही दिन उसकी मौत हो गयी। मृतक के पिता ने पुलिस पर 1 लाख रुपये मांगने और मारपीट का आरोप लगाया है जिसको लेकर पुलिसिया कार्यवाही पर प्रश्नचिन्ह लग रहा है।
मृतक के परिजनों के अनुसार पुलिस ने ऐसा कारनामा करके दिखाया है जिसे देखकर हर कोई हैरान है। यहां पुलिस ने घाघरा चोरी की शिकायत मिलने पर लहंगा बरामद कर लिया और चोरी के आरोप में जिस युवक को पकड़ा, उसे ऐसी सजा दी कि 24 घण्टे में ही उसकी मौत हो गयी। मृतक के पिता ने पुलिस पर आरोप लगाते हुये कहा कि पुलिस ने उनके बेटे को गिरफ्तार करने के बाद 1 लाख रुपये मांगा था। चूंकि इतने पैसे जुटाने की उनकी औकात ही नहीं थी, इसलिये पुलिस ने उनके बेटे के साथ मारपीट कर उसे जेल भेज दिया जहां उसकी मौत हो गयी।
मामला जौनपुर के सरपतहां थाना क्षेत्र में महमूदपुर गांव का है जहां रहने वाले बनवारी गौतम के छोटे बेटे अजीत गौतम को पिछले दिनों पुलिस ने चोरी का आरोप में गिरफ्तार किया था। इस सम्बन्ध में पड़ोसी गांव राजधरपुर निवासी कमल कुमार ने पुलिस में शिकायत दी थी। आरोप लगाया था कि उसके घर में घुसकर किसी ने लाल कलर का लहंगा और काले रंग का घाघरा चोरी कर लिया है। चोर ने जाते समय उसके घर से 5 हजार नकदी, जेवरात और पर्स आदि भी चोरी कर लिये जिसको लेकर पुलिसिया कार्यवाही शुरू हो गयी।
ऐसे दिखायी बरामदगी
पुलिस ने शिकायत दर्ज करते हुये आनन—फानन में महमूदपुर निवासी अजीत गौतम को उठा लिया। पुलिस ने अजीत के पास से लहंगा भी बरामद कर लिया। यही नहीं, निशानदेही के नाम पर पुलिस अजीत को नहर के पास ले गयी और उसकी जेब में जेवर रखकर वीडियो बना लिया जिसे बरामदगी में दिखा दिया। फिर 19 फरवरी को उसकी गिरफ्तारी दिखाकर अदालत में पेश किया जहां से उसे जेल भेज दिया गया। जेल में संदिग्ध परिस्थितियों में अजीत की मौत हो गयी।
पिता ने पुलिस पर लगाया आरोप
मृतक के पिता बनवारी ने पुलिस पर आरोप लगाते हुये कहा कि 15 फ़रवरी की रात करीब 3 बजे पुलिस ने उनके बेटे को घर से उठाया था। 4 दिन तक पुलिस ने उसे लॉकअप में रखकर बुरी तरह से मारा—पीटा। इसके बाद 19 फरवरी को उसे अदालत में पेश किया। इस दौरान उसने अपने बेटे को छुड़ाने की बहुत कोशिश किया लेकिन पुलिस ने छोड़ने के एवज में 1 लाख रुपये की मांग कर दिया। यह पैसा नहीं दे पाने की स्थिति में बेटे को जेल भेज दिया गया। अगले ही दिन यानी 20 फरवरी की रात करीब 9 बजे उन्हें फोन पर सूचना दी गयी कि उनके बेटे की मौत हो गयी।
हैरान कर देगा पुलिस का खेल
पुलिस ने इस मामले में बड़ा खेल किया है। दरअसल मुकदमा में लिखा है कि सोने—चांदी के जेवरात, 5 हजार नकदी, लाल लहंगा, काला घाघरा और पर्स चोरी हुआ है। पुलिस ने वारदात के खुलासे के बाद जो प्रेस नोट जारी किया है, उसमें बताया कि काले रंग के घाघरे की जगह काले रंग का लहंगा बरामद हुआ है। इस बरामदगी पर तरह तरह के सवाल उठाये जा रहे हैं। अजीत के पिता बनवारी के मुताबिक वह और उसका पूरा परिवार मजदूरी करके अपने परिवार का भरण पोषण करता है। इस बाबत सरपतहां थाने के सीयूजी नम्बर के माध्यम से सम्पर्क करने का प्रयास किया गया लेकिन असफलता ही मिली।
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