राकेश शर्मा
खेतासराय, जौनपुर। दुष्टों का संहार करके धर्म की स्थापना के लिए भगवान अवतार लेते हैं। यह अवतार ही समाज को जगाने वाला ही वास्तविक संत है। उक्त बातें पोरई कला ग्राम में आयोजित श्री मद्भभागवत महापुराण सप्ताह ज्ञान यज्ञ के चौथे दिन वाराणसी से पधारे मानस कोविद डा. मदन मोहन मिश्र जी महाराज व्यासपीठ से कृष्ण जन्मोत्सव पर कह रहे थे। उन्होंने उपस्थित श्रोताओं को भक्ति सागर में खूब गोता लगवाया और अमृत पान कराटे हुए कहा सकारात्मक सोच ही व्यक्ति के जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि है तो नकारात्मक सोच ही सबसे बड़ा अभिशाप है।
कृष्ण का पूरा जीवन संघर्ष पूर्ण रहा फिर भी वे सदा मुस्कराते रहे और तटस्थ की भूमिका में रहे। हमें अपने बच्चों का नाम भगवत परक रखना चाहिये, क्योंकि अजामिल ने अपने बेटे नारायण का नाम लिया और उसका कल्याण हो गया, नारी में क्षमता के माध्यम से लक्ष्मी बाई बनकर अंग्रेजों का दांत खट्टा कर सकती है तो ममता के माध्यम से देवकी के बेटे कन्हैया को पुत्र बनाकर पाल सकती। बड़े ही धूमधाम से कृष्ण जन्मोत्सव मनाया गया। कार्यक्रम का संचालन वशिष्ठ जी ने किया। व्यास जी का स्वागत एवं आभार आयोजक उमाशंकर मिश्र ने किया। इस अवसर पर शशि प्रकाश मिश्र, राजेश सिंह, रमेश सिंह, फिरतू यादव, बाल किशुन राजभर आदि उपस्थित रहे।
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