सोनू गुप्ता
मड़ियाहूं, जौनपुर। जिलाधिकारी डा. दिनेश चंद्र ने सोमवार को स्थानीय तहसील का निरीक्षण किया। इदस दौरान उन्होंने रिकॉर्ड रूम, नायब तहसीलदार एवं तहसीलदार न्यायालय, रजिस्ट्रार कानूनगो कक्ष और कंप्यूटर कक्ष का गहन जायजा लिया। निरीक्षण में वरासत (उत्तराधिकार) से जुड़े मामलों में गंभीर कमियां सामने आईं। कई आवेदनों को तकनीकी त्रुटियों के आधार पर सीधे निरस्त किए जाने पर जिलाधिकारी ने आपत्ति जताई। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि यदि आवेदक की ओर से कोई कमी हो तो बिना पूर्ण परीक्षण के निरस्तीकरण उचित नहीं है। राजस्व परिषद के निर्देशों के अनुरूप तहसीलदार द्वारा समुचित संतुष्टि के बाद ही निर्णय लिया जाय।
जिलाधिकारी ने नवीन कुमार तथा तहसीलदार को अब तक निरस्त किए गए सभी दावों की पुनः समीक्षा करने के निर्देश दिए। साथ ही पुराने लंबित वाद—विशेषकर वे मामले जिनमें केवल आपत्ति दाखिल होने की बात कहकर प्रक्रिया रोकी गई है।उनका शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा। निरीक्षण के दौरान सकारात्मक पहलू भी सामने आए। ई-परवाना प्रणाली के तहत कई प्रमाण पत्र सीधे ऑनलाइन जनरेट होने और उसके प्रभावी क्रियान्वयन की जिलाधिकारी ने सराहना किया।
उन्होंने अधिकारियों को पारदर्शिता, समयबद्ध निस्तारण और आमजन की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए, ताकि राजस्व कार्यों में सुधार के साथ जनता का विश्वास मजबूत हो। निरीक्षण के दौरान मड़ियाहूं एसडीएम शिल्पा एरन, तहसीलदार राकेश कुमार, नायब तहसीलदार संदीप सिंह सहित अन्य अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे। जिलाधिकारी के निरीक्षण से तहसील परिसर में दिन भर हलचल बनी रही।
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