राज्य विद्युत परिषद प्राविधिक कर्मचारी संघ ने की निन्दा
अजय विश्वकर्मा
जौनपुर। उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड की विभागीय वीडियो कॉन्फ्रेंस के दौरान अध्यक्ष डॉ. आशीष गोयल सहित अन्य उच्च प्रबंधन द्वारा तकनीशियन ग्रेड–2 (टीजी–2) संवर्ग के संबंध में दिया गया वक्तव्य, जिसमें तकनीशियन कर्मचारियों पर अतिरिक्त ड्यूटी न करने एवं “दलाली” करने जैसी टिप्पणी की गई, अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण, आपत्तिजनक, अमर्यादित एवं निंदनीय है। राज्य विद्युत परिषद प्राविधिक कर्मचारी संघ इस प्रकार के असंवेदनशील एवं आधारहीन वक्तव्य की कड़े शब्दों में निंदा करता है। यह टिप्पणी केवल एक पद या व्यक्ति पर नहीं, बल्कि प्रदेश के ऊर्जा निगमों में कार्यरत लगभग 20,000 तकनीशियन कर्मचारियों के मान-सम्मान, गरिमा एवं आत्मसम्मान पर सीधा आघात है।
संघ स्पष्ट करना चाहता है कि तकनीशियन (टीजी–2) पद पर कार्यरत कार्मिक विभिन्न इकाइयों एवं शाखाओं में संबंधित उच्चाधिकारियों के लिखित आदेशों के अनुपालन में ही कार्य कर रहे हैं। यदि कहीं कार्य आवंटन अथवा तैनाती संबंधी कोई प्रशासनिक विसंगति है तो उसका समाधान संस्थागत एवं प्रशासनिक स्तर पर किया जाना चाहिए, न कि पूरे संवर्ग को अपमानजनक शब्दों से संबोधित कर। एक विभाग के सर्वोच्च पद पर आसीन अधिकारी द्वारा सार्वजनिक मंच से इस प्रकार की सामान्यीकृत एवं नकारात्मक टिप्पणी ऊर्जा प्रबंधन की अदूरदर्शिता एवं जमीनी वास्तविकताओं से दूरी को प्रदर्शित करती है। ऐसी टिप्पणियाँ न केवल कर्मचारियों के मनोबल को गिराती हैं, बल्कि विभागीय समन्वय, कार्य संस्कृति एवं जनसेवा व्यवस्था को भी प्रभावित करती हैं।
राज्य विद्युत परिषद प्राविधिक कर्मचारी संघ उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड के अध्यक्ष डॉ. आशीष गोयल सहित उपस्थित ऊर्जा प्रबंधन द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंस में प्रयुक्त “दलाल” जैसे अपमानजनक शब्दों की कठोर निंदा करते हुए मांग करता है कि सम्पूर्ण तकनीकी संवर्ग से तत्काल सार्वजनिक एवं लिखित रूप से बिना शर्त क्षमा याचना की जाय।
उक्त बातें जितेंद्र यादव पूर्वांचल उपाध्यक्ष राज्य विद्युत परिषद प्राविधिक कर्मचारी संघ उत्तर प्रदेश ने प्रेस को जारी बयान में कही।
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