देश के प्रधानमंत्री को पत्र भेजकर की गयी शिकायत
केन्द्रीय मंत्री व मुख्यमंत्री को भी भेजी गयी प्रतिलिपि
डोभी, जौनपुर। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत स्वीकृत जिस पौने 8 किलोमीटर लंबी सड़क जो एक वर्ष में बननी थी, 5 वर्षों बाद भी आधी अधूरी बन सकी है। जितनी बनी भी है, वह गड्ढे में तब्दील हो गई है। यह हाल है आजमगढ़-वाराणसी मार्ग पर स्थित बजरंग नगर बाजार से पूरब अमुवार, जरासी, लोहराखोर से लेकर तरांव सड़क का। लोहराखोर निवासी रवींद्र शर्मा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिखकर इस संबंध में शिकायत की है। उन्होंने पत्र की प्रतिलिपि केंद्रीय सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भी भेजी है।
लगभग पौने 8 किलोमीटर लंबी 5.25 करोड़ की लागत की इस सड़क का निर्माण प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत मई 2021 में शुरू हुआ था। मई 2022 में निर्माण पूर्ण होना था। अप्रैल 2024 निर्माण कार्य चलने के बाद भी पूरी सड़क बन नहीं सकी। जितनी बनी भी है, उसकी पिच जगह-जगह उखड़ गई है। पूरा मार्ग गड्ढे में तब्दील हो गया है। उन्होंने मार्ग की दुर्दशा के लिए जिले के ग्रामीण अभियंत्रण सेवा (आरईएस) व कार्यदायी संस्था एके कंट्रक्शंस वाराणसी को जिम्मेदार ठहराया है। आरोप लगाया कि उक्त मार्ग विभाग व कार्यदायी संस्था के चलते भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई है। इस मार्ग में गड्ढा होने के नाते आये दिन राहगीर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो जाते हैं।
कई बार ग्रामीण अभियंत्रण सेवा व कार्यदायी संस्था को मार्ग की दुर्दशा से अवगत कराया जा चुका है। साथ ही आरईएस विभाग अधिशासी अभियंता निरज कुमार को भी फोन से बताने व विडियो कालिंग करके मार्ग की दयनीय दशा को दिखाया गया लेकिन जिम्मेदार अधिकारी व कार्यदायी संस्था चुप्पी साधे हुए है। रवींद्र शर्मा ने जांच कराकर कार्रवाई किए जाने का आग्रह किया है।
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