मो. उस्मान
जौनपुर। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम कोर्ट संख्या-12 जौनपुर द्वारा परिवाद के आधार पर एक महत्वपूर्ण आदेश पारित किया गया है। न्यायालय ने वाद में प्रस्तुत प्रार्थना पत्र को स्वीकार करते हुए 8 आरोपियों के विरुद्ध गंभीर आपराधिक धाराओं में स्टेट केस के रूप में मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है। न्यायालय ने पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्यों के अवलोकन के पश्चात यह पाया कि आरोपियों के विरुद्ध प्रथम दृष्टया अपराध बनता है जिसके आधार पर उन्हें तलब किया जाना न्यायोचित है।
अभियुक्तों में जावेद अहमद पुत्र सल्लाउद्दीन खलील निवासी मानी कलां, मोहम्मद खुशीद पुत्र जमालुद्दीन निवासी मानी कलां, नूरुन निशा पत्नी अंसार निवासी मानी कलां, बेलाल उर्फ बलाउद्दीन पुत्र जमालुद्दीन निवासी मानी कलां, मोहम्मद अलकमा खान पुत्री अब्दुल रफीक निवासी सुम्बुलपुर, तस्मा खातून पत्नी मोहम्मद अजीज निवासी सुम्बुलपुर, मोहम्मद जाफिर पुत्र हाजी जमील निवासी छित्तेपुर, आजमगढ़, फखरे आलम पुत्र अब्दुल हमीद निवासी छित्तेपुर, आजमगढ़ हैं।
न्यायालय के आदेशानुसार उपरोक्त अभियुक्तों के खिलाफ धारा 419 छल द्वारा प्रतिरूपण, धारा 420 धोखाधड़ी, धारा 468 धोखाधड़ी के उद्देश्य से जालसाजी, धारा 471 जाली दस्तावेज को असली के रूप में प्रयोग करना, धारा 504 जान-बूझकर अपमान, धारा 506 आपराधिक धमकी, धारा 120-बी IPC आपराधिक षड्यंत्र के तहत (नई विधि के अनुरूप: बीएनएस की धारा 352, 351, 61-2 से सम्बद्ध) मुकदमा दर्ज करने का आदेश हुआ है। न्यायालय ने आदेश दिया है कि यह प्रकरण स्टेट केस के रूप में दर्ज किया जाय तथा सभी अभियुक्तों को समन जारी कर 6 फरवरी 2026 तक न्यायालय में उपस्थित होने का निर्देश दिया गया है।
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