- बच्चों की रुचि देखकर आश्चर्यचकित हुए परीक्षक
वाराणसी। भारत रत्न पंडित मदन मोहन मालवीय की जन्म जयंती को महामना महोत्सव के रूप में मनाते हुए महामना मालवीय जी स्मृति संस्कार पुस्तकालय के समन्वय से जवाहर आदर्श इंटर कॉलेज कर्मनवीर सुसवाही, ज्ञानदीप एकेडमी चितईपुर एवं महामनापुरी, इंटरनेशनल हिंदू स्कूल, ग्लोरियस एकेडमी लंका, सीएम एंग्लो बंगाली इंटर कॉलेज, मदन मोहन इंटर कॉलेज संकट मोचन सहित शहर के कई विद्यालयों में गीता ज्ञान प्रतियोगीता, भारतीय संस्कृति ज्ञान प्रतियोगिता एवं गीता श्लोक गायन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया जिसमें बच्चों ने जिस माधुर्य और लगन से गीता श्लोक गायन किया उसे देखकर बाह्य परीक्षक भी मंत्रमुग्ध हो गए। इस प्रतियोगिता के मुख्य संयोजक गीता ज्ञान शिक्षक एवं चीफ फार्मासिस्ट ऑफिसर अखिलेश कुमार राय ने छोटे-छोटे बच्चों के द्वारा गीता का श्लोक सुनकर गदगद होकर कहा कि इन बच्चों ने हमारा दिल जीत लिया है।
उन्होंने कहा कि महामना मालवीय जी स्मृति संस्कार पुस्तकालय के अध्यक्ष तथा मालवीय मिशन (बीएचयू ईकाई) के उपाध्यक्ष एवं बीएचयू विधि संकाय में प्रोफेसर शैलेन्द्र कुमार गुप्ता के मार्गदर्शन में संचालित इन प्रतियोगिताओं में कक्षा तीन से आठवीं कक्षा के विद्यार्थी हजारों की संख्या में भाग लेकर इसे महामना महोत्सव के रूप में मना रहे हैं, महामना के जीवन से प्रेरणा प्रकाश पा रहे हैं। महामना के बारे में सुनने और समझने के लिए बच्चों की रुचि लाजवाब है। समाज में बढ़ते हुए भौतिकवादी दृष्टिकोण तथा संयुक्त परिवार में विघटन के कारण मानवीय मूल्यों में बेतहाशा गिरावट, इंटरनेट तथा सोशल मीडिया के कारण बच्चों के भावनात्मक एवं नैतिक विकास पर चौतरफा हमला हो रहा है, ऐसे में हाथ पर हाथ रखकर बैठना बेमानी होगी।
शिक्षण संस्थान, प्रशासनिक तंत्र एवं बुद्धिजीवियों को एक साथ मिलकर काम करना होगा, ताकि हम अपनी नई पीढ़ी को महापुरुषों के संदेश तथा गीता ज्ञानोपदेश द्वारा संस्कारित कर उन्हें उर्जावान और चरित्रवान बनाकर विकसित भारत का संकल्प सिद्ध करने हेतु सबल और सशक्त बना सकें। इस अभियान में प्रकाश पुंज हैं हमारे महापुरुष और प्रकाशस्रोत हैं श्रीमद्भगवद्गीता। इसलिए अधिक से अधिक बच्चों तक महामना का संदेश एवं गीता का उपदेश पहुंचाना ही हमारा लक्ष्य है।
अखिलेश कुमार राय स्वरचित गीत गीता का गीत गायेंगे हम, विकसित भारत बनायेंगे हम, महामना कहते हैं गीता पढ़ो, शूरवीर बनके आगे बढ़ो... गाकर सुनाते हैं जिसमें सहभाग करते हुए बच्चे भी झुम जाते हैं। महामना की जय हो, दिसम्बर गीतामय हो, गीता है सिद्धांत और महामना हैं दृष्टांत, हम गीता पढ़ेंगेआगे बढ़ेंगे, सफलता की चोटी पे हम भी चढ़ेंगे जैसे उद्घोष से गीतामय और महामनामय हो जाते हैं बच्चे। इन प्रतियोगिताओं के आयोजन में विद्यालयों के प्रबंधकों, प्रधानाचार्यों, प्राचार्यों, तथा शिक्षकों के हार्दिक सहयोग की सराहना करते हुए इस मुहिम के प्रमुख सहयोगी बीएचयू से सेवानिवृत्त सहायक कुलसचिव डॉ. नरेश चंद पाण्डे कहते हैं कि भारतरत्न महामना के जीवन मूल्यों से प्रेरित होकर हमारे बच्चे देश के रत्न बनेंगे और विकसित भारत के नायक बनेंगे।
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