- श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन भक्तिरस में डूबे श्रद्धालु
मो. अरशद
खेतासराय, जौनपुर। आदर्श भारती महाविद्यालय में आयोजित सप्तदिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन शनिवार को भक्तिरस की अविरल धारा बही। कथा व्यास पंडित अखिलेश चंद्र मिश्र ने भक्त प्रह्लाद और राजा हिरण्यकश्यप की कथा का सजीव वर्णन करते हुए कहा कि सच्ची भक्ति के सामने अहंकार और अधर्म टिक नहीं पाते।
उन्होंने बताया कि प्रह्लाद की अडिग आस्था और भगवान विष्णु के प्रति उनकी निष्कलंक भक्ति ही नरसिंह अवतार का कारण बनी। भगवान ने अधर्म के विनाश और भक्त की रक्षा के लिए अवतार लेकर यह सिद्ध किया कि ईश्वर अपने भक्तों की सदैव रक्षा करते हैं।
कथा के दौरान जैसे ही नरसिंह अवतार का प्रसंग आया, पूरा पंडाल जयकारों से गूंज उठा और श्रद्धालु भाव-विभोर हो गए। चौथे दिन की कथा के मुख्य यजमान पंडित शशिभूषण मिश्र सपत्नीक रहे। कथा आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और देर शाम तक भक्ति में लीन रहे। इस अवसर पर प्रबन्धक अनिल कुमार उपाध्याय, प्रदीप मिश्रा समेत अन्य रहे।
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