विरेन्द्र यादव
सरायख्वाजा, जौनपुर। स्थानीय क्षेत्र के राष्ट्रीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय जमुहाई में संस्थापक अमलदार सिंह की 105वीं जयंती पर भव्य समारोह का आयोजन हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत संस्थापक जी की प्रतिमा के अनावरण से हुई जिसे पूविवि की कुलपति प्रो. वंदना सिंह, राज्यसभा सांसद सीमा द्विवेदी, विधान परिषद सदस्य बृजेश सिंह, जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चंद्र, पुलिस अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ, भाजपा जिलाध्यक्ष अजीत प्रजापति, प्रबंधक सुरेन्द्र प्रताप सिंह एवं प्राचार्य प्रो. मिथिलेश पांडेय ने संयुक्त रूप से संपन्न किया।
इसके पश्चात प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन की रस्म निभाई गई। उपस्थित सभी गणमान्य अतिथियों ने संस्थापक जी को श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए उनके जीवन-दर्शन को स्मरण किया। सांस्कृतिक कार्यक्रम के अंतर्गत महाविद्यालय की छात्रा प्रांशी उपाध्याय ने संस्थापक जी के जीवन, संघर्ष और शिक्षा प्रेम को भावपूर्ण शब्दों में प्रस्तुत किया। इसके उपरांत प्रस्तुत किए गए नृत्य-नाट्य ‘राम आएंगे’ और ‘अखंड भारत’ ने दर्शकों को भाव—विभोर कर दिया।
मुख्य अतिथि सीमा द्विवेदी ने कहा कि शिक्षा केवल डिग्री का माध्यम नहीं, बल्कि समाज में परिवर्तन लाने वाली शक्ति है। उन्होंने युवाओं से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। कुलपति प्रो. वंदना सिंह ने छात्रों को देशभक्ति, शिक्षा और धैर्य को जीवन में अपनाने की प्रेरणा दी और कहा कि यही किसी भी छात्र के सर्वांगीण विकास की नींव है।
जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चंद्र ने कहा कि “छात्रों को चाहिए कि वे शिक्षा को सामाजिक उत्तरदायित्व के रूप में ग्रहण करें। केवल डिग्री ही नहीं, मानवीय मूल्य और नैतिक चेतना ही उन्हें सच्चा नागरिक बनाएंगे। पुलिस अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ ने कहा कि आज के समय में शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल अकादमिक उपलब्धि नहीं, बल्कि नैतिकता और सामाजिक जिम्मेदारी का विकास भी है।
भाजपा जिलाध्यक्ष अजीत प्रजापति ने कहा कि अमलदार सिंह ने शिक्षा के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्र में नवजागरण की मशाल जलाई।आज का यह आयोजन केवल श्रद्धांजलि नहीं, बल्कि हमें उनके आदर्शों को अपनाने का अवसर है। बृजेश सिंह विधान परिषद सदस्य ने स्वामी विवेकानंद के उद्धरणों के माध्यम से युवाओं को भारतीय संस्कृति और नवचेतना की ओर अग्रसर होने का संदेश दिया।
पूर्व विधायक डा. हरेंद्र सिंह ने संस्थापक जी के आदर्शों को स्मरण करते हुए कहा कि उनकी दूरदर्शिता और शिक्षा-प्रेम आज भी प्रेरणास्रोत हैं। प्राचार्य प्रो. मिथिलेश पांडेय ने महाविद्यालय की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए बताया कि हाल के वर्षों में संस्थान ने शोध, अधोसंरचना, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, पुस्तकालय विस्तार, स्मार्ट क्लास और गुणवत्ता वृद्धि जैसे क्षेत्रों में महत्त्वपूर्ण उपलब्धियाँ अर्जित की हैं।
प्रबंधक सुरेन्द्र प्रताप सिंह ने कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए सभी अतिथियों, आयोजन समिति, विद्यार्थियों एवं शिक्षकों का आभार प्रकट किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापकगण और कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन समाज शास्त्र विभागाध्यक्ष डॉ. प्रशांत सिंह ने किया।
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