चन्दन अग्रहरि
शाहगंज, जौनपुर। स्थानीय कस्बे के सबसे व्यस्त रेल फाटक 62ए पर लगातार लगने वाले जाम से आमजन त्रस्त हैं। सुबह से शाम तक वाहनों की लंबी कतारें लगने से स्कूली बच्चों, मरीजों और हजारों दैनिक यात्रियों को भारी असुविधा झेलनी पड़ती है। जाम की समस्या के स्थाई समाधान के लिए अंडरग्राउंड सब-वे निर्माण की मांग एक बार फिर जोर पकड़ने लगी है।
सामाजिक कार्यकर्ता ओपी सिंह के नेतृत्व में क्षेत्रीय नागरिक लंबे समय से सब-वे निर्माण के लिए प्रयासरत हैं। इसी क्रम में डीएसएचआरडी मानवाधिकार के जिलाध्यक्ष प्रशांत अग्रहरि ने सांसद बाबू सिंह कुशवाहा को ज्ञापन सौंपकर मामले में तत्काल हस्तक्षेप की मांग किया। साथ ही कहा कि रेल फाटक पर जाम के कारण एंबुलेंस और आपातकालीन सेवाएं भी प्रभावित होती हैं जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो जाता है।
पत्र में यह भी उल्लेख किया गया कि 10 जनवरी 2019 को सब-वे संबंधी प्रस्ताव चेयरमैन रेलवे बोर्ड को भेजा गया था। इसके जवाब में उत्तर रेलवे नई दिल्ली के इंजीनियरिंग विभाग ने 9 मई 2019 को बताया था कि यदि राज्य सरकार परियोजना लागत का 50 प्रतिशत वहन करने को तैयार हो तो सब-वे का निर्माण संभव है लेकिन राज्य और केंद्र सरकार के बीच समन्वय की कमी के चलते प्रस्ताव कई वर्षों से अटका हुआ है।
श्री अग्रहरि ने सांसद से आग्रह किया कि सब-वे निर्माण को प्राथमिकता देते हुए केंद्र व प्रदेश सरकार के समक्ष प्रभावी ढंग से उठाया जाय जिससे शीघ्र निर्णय हो सके। सब-वे बनने से न सिर्फ जाम की समस्या समाप्त होगी, बल्कि सड़क दुर्घटनाओं में भी कमी आएगी और क्षेत्रवासियों को बड़ी राहत मिलेगी।
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