- चन्दवक एसओ ने खुद फोन कर मुझे मौके पर बुलाया: अजीत
- मुकदमे की जानकारी होने पर क्षेत्रीय किसानों ने जताई नाराजगी
- पुलिस ने 14 नामजद व 30 से 40 अज्ञात के विरुद्ध की कार्यवाही
अरविन्द यादव/अमित जायसवाल
चन्दवक, जौनपुर। आजमगढ़-वाराणसी राष्ट्रीय राजमार्ग के कनौरा गांव में विगत बुधवार की रात डंफर ने बाइक सवार को टक्कर मार दी जिसमें तीन बाइक सवार घायल हो गए। घायल में एक की मौके पर ही मौत हो गई। मौत के बाद जुटी भीड़ द्वारा चक्का जाम करने के मामले में पुलिस ने सार्वजनिक मार्ग अवरुद्ध करने, सरकारी काम में हस्तक्षेप व लोकसेवकों को धमकी देने, उपद्रव कराने जैसी धाराओं में किसान नेता अजीत सिंह समेत 14 नामजद व 30 से 40 अज्ञात लोगों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर छानबीन में जुट गई।
विदित हो कि प्रभारी निरीक्षक सत्य प्रकाश सिंह को बजरंगनगर चौकी प्रभारी राम कुमार ओझा ने तहरीर देकर आरोप लगाया कि गश्त के दौरान सूचना लगी कि राजमार्ग पर कनौरा गांव के प्राथमिक विद्यालय के सामने डंफर ने दो बाइक सवारों को टक्कर मार दी है जिसमें एक की मृत्यु व दो घायल हो गए हैं। तत्काल वहां पहुंचकर एम्बुलेंस से घायलों को सीएचसी लालगंज पहुंचवाया।
इसी दौरान गोलबंद होकर राजा सिंह, संतोष राम, पप्पू राम, शिव चरन व विपिन सिंह निवासी कनौरा, अजीत सिंह निवासी बोड़सर, अनिल सरोज, प्रदीप पता अज्ञात, मुन्ना निवासी बड़नपुर, राज सिंह निवासी पनिहर, कोतवाली केराकत, राज कुमार मिस्त्री निवासी कंजहित, कोतवाली देवगांव, रोशन यादव अमिलिया, डब्बू राम कुशहा 30 से 40 लोगों के साथ आए और पुलिस के खिलाफ नारा लगाते हुए मार्ग अवरुद्ध कर दिए। जिसके कारण वाहनों की लंबी कतारें लग गई। एम्बुलेंस फंसने से मरीज कराहते रहे।
उच्चाधिकारियों के हस्तक्षेप से तीन घंटे बाद जाम समाप्त हो सका। पुलिस चौदह लोगों को नामजद व तीस से चालीस अज्ञात लोगों के विरुद्ध मुकदमा पंजीकृत कर जांच पड़ताल कर रही है। मुकदमे को लेकर क्षेत्र में हड़कंप मचा हुआ है वहीं क्षेत्रीय किसानों में किसान नेता पर हुए मुकदमे को लेकर नाराजगी साफ देखी जा सकती है।
पुलिस ने मुझे फंसाया है ताकि किसानों की आवाज को न उठा सकूं: अजीत
किसानों के लंबित पड़े मुवावजे के साथ अन्य समस्याओं को लेकर अपनी आवाज को बुलंद करने वाले किसान नेता अजीत सिंह पर चंदवक पुलिस द्वारा मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मुकदमे की जानकारी होने पर किसान नेता अजीत सिंह ने कहा कि बार बार हो रहे सड़क दुर्घटना से अजीज होकर मौके पर जुटी भीड़ आक्रोशित थी आक्रोशित भीड़ को समझाकर मामला शांत कराने के लिए एसओ ने खुद फोन कर मुझे मौके पर बुलाया और हम सभी प्रशासन के साथ मिलकर भीड़ को शांत कराकर आवागमन को सुचारू रूप से चालू कराया गया और अब सार्वजनिक मार्ग अवरुद्ध करने, लोक सेवकों के कार्य में बाधा पहुंचाने व धमकी देने, उपद्रव कराने व विधि विरुद्ध जमावड़ा करने के आरोप में मुकदमा पंजीकृत कर दिया गया। पुलिस ने मुझे फसाया है। प्रशासन चाहता है कि मैं किसानों के मुआवजे की आवाज को न उठाऊं। बिना सड़क बनाएं अवैध रूप से हो रहे टोल वसूली का विरोध न करूं। मेरी आवाज को दबाई जा रही है लेकिन मेरी आवाज दबेगी नहीं।