नये पाठ्यक्रम, स्मार्ट क्लास एवं कौशल प्रशिक्षण पर दिया गया जोर
विरेन्द्र यादव
सरायख्वाजा, जौनपुर। पूर्वांचल विश्वविद्यालय के कुलपति सभागार में शनिवार को कुलपति प्रो. आर.के. सिंह की अध्यक्षता में संकायाध्यक्षों एवं विभागाध्यक्षों की बैठक हुई। बैठक में विश्वविद्यालय में शैक्षणिक गुणवत्ता को और प्रभावी बनाने, विद्यार्थियों को रोजगारपरक एवं कौशल आधारित शिक्षा उपलब्ध कराने तथा विभागों को आधुनिक शैक्षणिक जरूरतों के अनुरूप विकसित करने सहित विभिन्न महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
कुलपति प्रो. सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय में नए एवं रोजगारपरक पाठ्यक्रम शुरू करने की दिशा में विभाग ठोस प्रस्ताव तैयार करें। नए पाठ्यक्रमों में विद्यार्थियों की संभावित मांग, रोजगार की संभावनाओं तथा समाज की आवश्यकता को ध्यान में रखा जाए। सभी संबंधित प्रस्ताव निर्धारित समय में विश्वविद्यालय को उपलब्ध कराने के निर्देश दिये गये।
कुलपति ने कहा कि कक्षा शिक्षण को विद्यार्थियों के लिए अधिक रोचक और संवादपरक बनाया जाए। शिक्षक कक्षा की शुरुआत सीधे विषय की औपचारिक चर्चा से करने के बजाय विद्यार्थियों की रूचि जगाने वाली घटनाओं, उदाहरणों, प्रश्नों और समसामयिक संदर्भों से करें, जिससे कक्षा में सहभागिता बढ़े।
बैठक में स्मार्ट क्लास रूम को अधिक प्रभावी बनाने तथा उपलब्ध तकनीकी संसाधनों का शिक्षण में बेहतर उपयोग करने पर भी चर्चा हुई। विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों के कौशल विकास और व्यावहारिक प्रशिक्षण पर भी विशेष चर्चा हुई। बाहर के विशेषज्ञों के माध्यम से साइबर सिक्योरिटी सहित विभिन्न समसामयिक विषयों पर कार्यशालाएं आयोजित करने की योजना पर विचार किया गया।
बैठक में एनआईआरएफ सहित विश्वविद्यालय की राष्ट्रीय स्तर की शैक्षणिक पहचान और रैंकिंग से जुड़े प्रयासों को और व्यवस्थित करने पर भी चर्चा हुई। कुलपति ने पाठ्यक्रमों को नवीनतम बनाने पर विशेष बल देते हुए कहा कि विद्यार्थियों को केवल पुराने संदर्भों तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए।
इस अवसर पर कुलसचिव डॉ विनोद सिंह, डीएसडब्लयू प्रो. प्रमोद यादव, प्रो. मनोज मिश्र, प्रो. अविनाश पाथर्डीकर, प्रो. प्रदीप कुमार, प्रो. मिथिलेश सिंह, प्रो. सौरभ पाल, प्रो. विनोद गुप्ता समेत समस्त विभागाध्यक्ष उपस्थित रहे।
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