शुभांशू जायसवाल
जौनपुर। सेवानिवृत्त कर्मचारी एवं पेंशनर्स एसोसिएशन उत्तर प्रदेश के आह्वान पर प्रदेश के सभी जनपदों में एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया। इस दौरान ऑल इंडिया स्टेट गवर्नमेंट पेंशनर्स फेडरेशन द्वारा देशव्यापी स्तर पर घोषित धरना-प्रदर्शन कार्यक्रम को समर्थन देते हुए पेंशनर्स ने अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद किया। प्रदर्शन के उपरांत प्रधानमंत्री भारत सरकार एवं मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश सरकार को संबोधित ज्ञापन प्रेषित कर मांगों के शीघ्र निस्तारण की मांग की गई।
इसी क्रम में जौनपुर में हजारों की संख्या में पेंशनर्स ने कलेक्ट्रेट परिसर में धरना-प्रदर्शन किया। संगठन के जिलाध्यक्ष सी.बी. सिंह की अध्यक्षता में आयोजित आमसभा का संचालन जिला मंत्री कृपाशंकर उपाध्याय ने किया।
सभा को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा जनवरी 2026 में आठवें वेतन आयोग के गठन की घोषणा के लगभग 11 महीने बाद 30 नवंबर 2026 को भारत का राजपत्र प्रकाशित किया गया। इसमें पूर्व के वेतन आयोगों से अलग व्यवस्था करते हुए जनवरी 2026 से पहले सेवानिवृत्त पेंशनर्स को वेतन आयोग के टर्म्स ऑफ रेफरेंस (विचारार्थ विषयों) से बाहर रखा गया है। संगठन वित्त विधेयक, 2025 में तिथि के आधार पर पेंशनर्स के बीच विभेद उत्पन्न करने वाले प्रावधानों को हटाने की मांग लगातार उठाता रहा है।
सभा में संगठन की 12 सूत्रीय मांगों से संबंधित प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया जिसे सर्वसम्मति से पारित किया गया। प्रमुख मांगों में वित्त विधेयक, 2025 से तिथि के आधार पर विभेद उत्पन्न करने वाले प्रावधानों को हटाकर पुराने पेंशनर्स को आठवें वेतन आयोग के दायरे में शामिल करना, वेतन आयोग की प्रक्रिया में विलंब होने की स्थिति में अंतरिम राहत प्रदान करना, भारत सरकार के राजपत्र 28 अगस्त 2008 में प्रकाशित निर्णयों के अनुरूप कर्मचारियों, पेंशनर्स एवं शिक्षकों के लिए अलग उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) तैयार करना, 65 वर्ष की आयु पूर्ण होने के बाद प्रत्येक पांच वर्ष पर पेंशन में पांच प्रतिशत की वृद्धि करना तथा महंगाई भत्ता 50 प्रतिशत से अधिक होने पर उसे मूल वेतन एवं पेंशन में समाहित करना शामिल है।
जिला मंत्री कृपाशंकर उपाध्याय ने मांगों से संबंधित ज्ञापन आमसभा के समक्ष प्रस्तुत किया जिसे सर्वसम्मति से पारित किया गया। धरना-प्रदर्शन स्थल पर जिलाधिकारी के प्रतिनिधि के रूप में नगर मजिस्ट्रेट महिपाल सिंह उपस्थित हुये। उन्होंने पेंशनर्स की मांगों से संबंधित ज्ञापन प्राप्त किया तथा उसे प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री तक प्रेषित करने का आश्वासन दिया।
इसी क्रम में राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के पूर्व अध्यक्ष एवं संरक्षक राकेश श्रीवास्तव ने सरकार से पेंशनर्स की मांगों का शीघ्र निस्तारण करने की अपेक्षा व्यक्त किया। साथ ही उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि सरकार पेंशनर्स की एकजुटता और उनकी मांगों को हल्के में न ले, अन्यथा इसके परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। सभा में वक्ताओं ने सरकार से पेंशनर्स की मांगों पर शीघ्र विचार करते हुए पूर्व की परंपरा के अनुरूप उन्हें वेतन आयोग के टर्म्स ऑफ रेफरेंस में शामिल करने की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि मांगें पूरी न होने की स्थिति में संगठन व्यापक संघर्ष के लिए बाध्य होगा।
इस अवसर पर कृष्ण कुमार त्रिपाठी, इं. प्रमोद सिंह, दशरथ राम, चंद्रशेखर सिंह, रामकृष्ण यादव, ओंकारनाथ मिश्र, नरेंद्र सिंह, पुट्टी लाल यादव, सूबेदार यादव, मिठाई लाल, राजेश श्रीवास्तव, मनी देवी, महालक्ष्मी वर्मा, कांती सिंह, नन्द लाल सरोज, गोरखनाथ माली, राजेंद्र प्रसाद सिंह, अशोक मौर्य, कंचन सिंह, विजय कुमार, वाई.एस.एन. सिंह, विनय कुमार, शंभूनाथ, राम प्रताप यादव, प्रेमधर उपाध्याय, कामरेड कल्लू, रवींद्र सिंह, रमेश, विक्रम यादव, प्रदीप सिंह, दिनेश चंद्र सिंह, बी.डी. सिंह, अवधेश सिंह, अजय सिंह, विनय गुप्ता, डॉ. आशाराम यादव, साह बाल यादव, नरेंद्र त्रिपाठी सहित बड़ी संख्या में पेंशनर्स उपस्थित रहे। अंत में सभाध्यक्ष सी.बी. सिंह ने सभी उपस्थित पेंशनर्स एवं सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
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