फरिश्ता बनकर आये डा. देवी प्रसाद पुष्पजीवी ने मासूम की बचायी जान
चन्दन अग्रहरि
शाहगंज, जौनपुर। लगभग 8 वर्षीया बच्ची की गंभीर बीमारी में जब शहर के तमाम चिकित्सकों ने इलाज से हाथ खड़े कर दिये तब शाहगंज स्थित विद्या चाइल्ड हॉस्पिटल के शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. देवी प्रसाद पुष्पजीवी ने न केवल बच्ची की जान बचाई, बल्कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवार की मदद भी की। इस मानवीय पहल की क्षेत्र में सराहना हो रही है।
हर डॉक्टर से मिला जवाब मगर नहीं मानी हार
सेराज और सायमा की पुत्री सानिया की तबीयत अचानक गंभीर रूप से बिगड़ गई थी। परिजन उसे लेकर अलग-अलग चिकित्सकों के पास भटकते रहे लेकिन बच्ची की गंभीर स्थिति देखकर सभी डॉक्टरों ने इलाज करने में असमर्थता जता दी। इसके बावजूद माता-पिता ने हौसला नहीं खोया और लगातार चिकित्सकों के दरवाजे खटखटाते रहे।
विद्या चाइल्ड हॉस्पिटल में मिली उम्मीद की किरण
अंततः परिजन विद्या चाइल्ड हॉस्पिटल पहुंचे जहां शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. देवी प्रसाद पुष्पजीवी ने बच्ची का उपचार करने का आश्वासन दिया। जांच में सानिया का प्लेटलेट काउंट मात्र 7000 और पीलिया 12 पाया गया। बच्ची को खून की लैट्रिन (रक्तस्रावी दस्त) और बार-बार उल्टी की शिकायत भी थी जिससे स्थिति अत्यंत नाजुक बनी हुई थी।
समय पर उपचार से बची जान, परिजनों ने जताया आभार
डॉ. पुष्पजीवी के सतत प्रयास और उचित उपचार से सानिया की जान बचाई जा सकी। स्वस्थ होने पर पिता सेराज और माता सायमा ने भावुक होकर बताया कि जिस समय हर चिकित्सक ने जवाब दे दिया था, उस समय डॉक्टर साहब ही उनका सहारा बने। परिजनों ने यह भी बताया कि आर्थिक रूप से कमजोर होने के बावजूद डॉक्टर साहब ने समय-समय पर उनकी आर्थिक मदद भी की। परिवार ने डॉक्टर की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए हृदय से आभार व्यक्त किया।
चिकन गुनिया समेत बरसाती बीमारियों को लेकर दी सलाह
डॉ. पुष्पजीवी ने बताया कि यदि किसी बच्चे को तेज बुखार, हाथ-पैर में दर्द, उल्टी अथवा पेट दर्द की शिकायत हो तो यह चिकन गुनिया का लक्षण हो सकता है। उन्होंने बरसात के मौसम में होने वाली अन्य बीमारियों के प्रति भी सतर्क रहने और लक्षण दिखते ही तत्काल योग्य बाल रोग विशेषज्ञ से परामर्श लेने की सलाह दी।
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