जौनपुर। जिलाधिकारी सैमुअल पाल एन. की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जिला ओटीडी सेल की प्रथम त्रैमासिक समीक्षा बैठक हुई जहां जनपद के सकल जिला घरेलू उत्पाद से सम्बन्धित विभिन्न विभागों द्वारा उपलब्ध कराये जा रहे आंकड़ों एवं प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गयी। इस दौरान कृषि, उद्योग, व्यापार, पर्यटन, परिवहन, ऊर्जा, निर्माण, बैंकिंग, वित्तीय सेवायें सहित अन्य आर्थिक गतिविधियों से जुड़े विभागों को निर्धारित प्रारूप के अनुसार समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण आंकड़े उपलब्ध कराने के निर्देश दिये गये।
इस मौके पर जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद के आर्थिक विकास का सही आकलन तभी संभव है, जब सभी विभाग अपने क्षेत्र से सम्बन्धित सूचनाओं एवं आंकड़ों को पूर्ण पारदर्शिता, शुद्धता एवं समयबद्धता के साथ उपलब्ध करायें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि आंकड़ों के संकलन में किसी भी प्रकार की त्रुटि न रहे तथा विभागीय समन्वय के माध्यम से सभी सूचनाएं निर्धारित समयावधि में ओटीडी सेल को उपलब्ध करायीं जायं।
बैठक में प्राथमिक क्षेत्र के अन्तर्गत कृषि, पशुपालन, मत्स्य, उद्यान एवं वानिकी विभाग की प्रगति की समीक्षा की गई। खाद्यान्न, दलहन, तिलहन, गन्ना, फल, सब्जी, मसाला एवं पुष्प उत्पादन के साथ दुग्ध, मांस, अंडा, मत्स्य एवं टिम्बर उत्पादन से संबंधित आंकड़ों की समीक्षा करते हुये संबंधित अधिकारियों को वास्तविक प्रगति के अनुरूप डेटा अद्यतन करने के निर्देश दिये गये।
द्वितीयक क्षेत्र की समीक्षा के दौरान उन्होंने उद्योग, श्रम, विद्युत, जलापूर्ति एवं निर्माण कार्यों से सम्बन्धित प्रगति पर विस्तार से चर्चा की गई। कारखाना अधिनियम के अन्तर्गत पंजीकृत इकाइयों, एमएसएमई, जीएसटी संग्रह, औद्योगिक गतिविधियों तथा स्थानीय निकायों के राजस्व सम्बन्धित आंकड़ों की समीक्षा करते हुये जिलाधिकारी ने सम्बन्धित विभागों को निर्देशित किया कि सभी आंकड़े अद्यतन एवं प्रमाणिक हों। तृतीयक क्षेत्र के अन्तर्गत व्यापार, पर्यटन, होटल, परिवहन, वित्तीय सेवाएं, बैंकिंग, पंजीकृत वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों, जीएसटी संग्रह, पर्यटकों की संख्या, बस परमिट, वाणिज्यिक वाहनों, बैंक ऋण, जमा राशि सहित विभिन्न आर्थिक संकेतकों की समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी ने कहा कि इन सूचनाओं के आधार पर जनपद की आर्थिक गतिविधियों का समुचित मूल्यांकन किया जाता है, इसलिये सभी विभाग नियमित रूप से आंकड़ों का सत्यापन करते हुये समय से उपलब्ध करायें। बैठक में जनपद के सकल जिला घरेलू उत्पाद सहित अन्य सम्बन्धित उपलब्ध आंकड़ों की भी समीक्षा की गयी। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि भविष्य की योजनाओं एवं विकास कार्यों के लिये आर्थिक संकेतकों का वैज्ञानिक विश्लेषण किया जास तथा डेटा की गुणवत्ता बनाये रखने पर विशेष ध्यान दिया जाय।
जिलाधिकारी ने सभी विभागाध्यक्षों को निर्देश दिये कि ओटीडी सेल से सम्बन्धित सूचनाओं का संकलन नियमित रूप से किया जाय तथा किसी भी स्तर पर लंबित सूचना को तत्काल उपलब्ध कराया जाय जिससे जनपद के आर्थिक विकास का यथार्थ एवं अद्यतन आकलन समय पर शासन को प्रेषित किया जा सके। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी ध्रुव खाड़िया, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) परमानन्द झा, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी डॉ अरुण यादव सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।
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