तीन दिवसीय श्रीराम कथा का हुआ समापन
आरती में शामिल हुये लोगों ने ग्रहण किया प्रसाद
केराकत, जौनपुर। बुराई में जाना आसान होता है लेकिन वापस लौटना बड़ा मुश्किल होता है। अच्छाई देर से आती है लेकिन जल्दी निकलती है। वहीं बुराई जल्दी आती है लेकिन निकलती बड़ी मुश्किल से। उक्त बातें कमलापुरी निवास में 3 दिवसीय श्रीराम कथा महोत्सव में वाराणसी से पधारे मानस कोविद डा. मदन मोहन मिश्र ने विसर्जन दिवस पर कहा।
इसी क्रम में उन्होंने आगे बताया कि प्रभु श्रीराम ने कहा जो जोश के साथ होश में रहेगा, वही शान्ति रूपी सीता का पता लगा पायेगा। सुग्रीव केवल हनुमान जी जैसे संत का सानिध्य किया जिसके चलते श्रीराम मिल गये। जो दोषों को छिपाये और गुणों को बताये, वही सच्चा मित्र होता है। जामवंत के स्मरण कराने पर हनुमान जी सौ योजन का समुद्र पार कर गये। जब बड़े—बूढों की बात नवयुवकों को अच्छी लगने लगती है तब समाज में सुन्दर काण्ड होता है। इस मौके पर आये लोगों का स्वागत आयोजक अरुण कुमार ने किया। अन्त में अजीत कुमार ने समस्त आगंतुकों के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर तमाम लोग उपस्थित रहे जिन्होंने प्रसाद ग्रहण किया।
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