संस्कारों की परम्परा बनी पहचान
अभिनव सिंह
जौनपुर। जनपद के करंजाकला विकास खंड के आदमपुर गांव स्थित "राजेंद्र भवन" आज शिक्षा, संस्कार और उपलब्धियों का ऐसा केंद्र बन चुका है जिसकी पहचान दूर-दूर तक है। वर्ष 1943 में स्थापित इस भवन ने कई दशकों की यात्रा में ऐसी प्रतिभाओं को जन्म दिया है जिन्होंने अपने कार्यों और उपलब्धियों से परिवार ही नहीं, बल्कि गांव और क्षेत्र का नाम भी गौरवान्वित किया है।
बता दें कि राजेंद्र भवन में प्रारंभ से ही बच्चों के सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान दिया जाता रहा है। परिवार के सदस्यों के अनुसार, यहां शिक्षा के साथ अनुशासन, नैतिक मूल्यों, राष्ट्र सेवा और सामाजिक जिम्मेदारियों की भावना को भी महत्व दिया गया। यही संस्कार आगे चलकर परिवार के सदस्यों की सफलता की मजबूत नींव बने।
इस भवन से जुड़े कई सदस्य आज देश-विदेश में विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण पदों पर कार्यरत हैं। परिवार की बेटियों ने भी शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया है। परिवार के सदस्य आलोक सिंह निजी क्षेत्र की प्रतिष्ठित कंपनी आईसीआईसीआई लोम्बार्ड में वाइस प्रेसिडेंट के पद पर कार्यरत हैं। इसके अलावा परिवार के अन्य सदस्य चिकित्सा, शिक्षा, इंजीनियरिंग, पत्रकारिता, विधि और शिक्षा के क्षेत्रों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
कई पीढ़ियों से चली आ रही संस्कार और शिक्षा की यह परंपरा राजेंद्र भवन को एक अलग पहचान प्रदान करती है। यह भवन आज केवल एक आवास नहीं, बल्कि नई पीढ़ी को आगे बढ़ने की प्रेरणा देने वाला केंद्र बन गया है। यहां से निकली प्रतिभाएं अपने क्षेत्रों में जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए समाज के विकास में योगदान दे रही हैं।
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