Jaunpur News: सात्विक वृत्तियों का संग ही सत्संग है: कथा वाचक

Aap Ki Ummid
follow us
Jaunpur News: सात्विक वृत्तियों का संग ही सत्संग है: कथा वाचक


बदलापुर, जौनपुर। श्रीराम जानकी मंदिर पुरानी बाजार घनश्यामपुर में आयोजित तीन दिवसीय श्रीराम कथा महोत्सव के दूसरे दिन वाराणसी से पधारे मानस कोविद डा. मदन मोहन मिश्र ने दूसरे दिन कथा के दौरान बताया कि सात्विक वृत्तियों का संग ही सत्संग है और तामसी वृत्तियों संग ही कुसंग है। कुसंग का ज्वर बड़ा भयानक होता है, इसलिये हमें हमेशा सत्संग करना चाहिये। कथा को आगे बढ़ाते हुये उन्होंने कहा कि सती ने सीता का वेष तो बनाया लेकिन आचरण नहीं बना पायीं, क्योंकि असली सीता राम के आगे चलती हैं। यहां सीता बनी हुईं सती राम के आगे चलने लगती हैं। दक्ष का यज्ञ इसलिये पूर्ण नहीं हुआ, क्योंकि उसमें यज्ञ के स्वरूप विष्णु यज्ञ की विधि ब्रह्मा और विश्वास के प्रतीक शंकर उपस्थित नहीं थे। जहाँ जाने के बाद विवाद होने की सम्भावना हो, वहां जाना ही नहीं चाहिये। इसी क्रम में डा. धर्मेन्द्र शुक्ल का व्याख्यान भजन सुनकर उपस्थित लोग मंत्र—मुग्ध हो गये। इस मौके पर आये लोगों का स्वागत प्रधान राम जियावन ने किया। कार्यक्रम का संचालन डा. धर्मेन्द्र शुक्ल ने किया। इस अवसर पर सैकड़ों श्रद्धालु उपस्थित रहे।

ads

ads

ads

ads

ads

ads

#buttons=(Ok, Go it!) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Check Now
Ok, Go it!