Jaunpur News: आशीर्वाद हॉस्पिटल की डॉ. अंजू कन्नौजिया ने दिखायी मानवीय संवेदना

Aap Ki Ummid
follow us
Jaunpur News: आशीर्वाद हॉस्पिटल की डॉ. अंजू कन्नौजिया ने दिखायी मानवीय संवेदना


सड़क हादसे में मासूम की हुई मौत, गर्भस्थ शिशु ने भी तोड़ा दम

अजय पाण्डेय

जौनपुर। जनपद के सेहमलपुर निवासी अरविंद गौतम के परिवार पर सड़क हादसे के बाद दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। हादसे में उनके 8 वर्षीय बच्चे की मौत हो गई जबकि घटना में ज्योति देवी के गर्भस्थ शिशु ने भी दम तोड़ दिया। एक ही परिवार में हुई दो मौतों से परिजनों में मातम पसरा है। गंभीर हालत में ज्योति देवी को उपचार के लिए जौनपुर स्थित आशीर्वाद हॉस्पिटल लाया गया। यहां स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. अंजू कन्नौजिया की देखरेख में उनका उपचार शुरू किया गया।

परिजनों के अनुसार चिकित्सकीय देख—रेख में ज्योति देवी का सामान्य प्रसव कराया गया। हादसे में गर्भस्थ शिशु की पहले ही मौत हो चुकी थी। गंभीर हालत में ज्योति देवी को उपचार के लिए नगर के आशीर्वाद हॉस्पिटल लाया गया। यहां स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. अंजू कन्नौजिया की देख—रेख में उनका उपचार शुरू किया गया। परिजनों के अनुसार चिकित्सकीय निगरानी में ज्योति देवी का सामान्य प्रसव कराया गया। हादसे में गर्भस्थ शिशु की पहले ही मौत हो चुकी थी।


संकट की घड़ी में नहीं लिया उपचार शुल्क

परिजनों के मुताबिक परिवार की आर्थिक और मानसिक स्थिति को देखते हुए डॉ. अंजू कन्नौजिया ने सामान्य प्रसव के लिए कोई शुल्क नहीं लिया। वहीं आशीर्वाद हॉस्पिटल की ओर से भी उपचार में निःशुल्क सहयोग किया गया। अचानक आई इस विपत्ति के बीच चिकित्सक और अस्पताल की इस मानवीय पहल ने परिजनों को बड़ी राहत दी।

दोहरी क्षति से परिवार सदमे में

लगभग 8 वर्षीय बच्चे को खोने का दर्द और दूसरी ओर गर्भस्थ शिशु की मौत ने परिवार को पूरी तरह झकझोर दिया है। इस दुखद घड़ी में डॉ. अंजू कन्नौजिया और आशीर्वाद हॉस्पिटल की ओर से मिले सहयोग की परिजनों ने सराहना किया। स्थानीय लोगों ने भी चिकित्सक की संवेदनशीलता की प्रशंसा करते हुए कहा कि विपत्ति के समय आर्थिक लाभ से ऊपर उठकर पीड़ित परिवार की मदद करना समाज के लिए मानवीय संवेदना की मिसाल है। बच्चे को खोने का दर्द और दूसरी ओर गर्भस्थ शिशु की मौत ने परिवार को पूरी तरह झकझोर दिया है। इस दुखद घड़ी में डॉ. अंजू कन्नौजिया और आशीर्वाद हॉस्पिटल की ओर से मिले सहयोग के लिए परिजनों ने आभार जताया। स्थानीय लोगों ने भी चिकित्सक की संवेदनशीलता की सराहना करते हुए कहा कि विपत्ति के समय आर्थिक लाभ से ऊपर उठकर पीड़ित परिवार की मदद करना समाज के लिए मानवीय संवेदना की मिसाल है।




ads

ads

ads

ads

ads

ads


#buttons=(Ok, Go it!) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Check Now
Ok, Go it!