छात्राओं को वैक्सीनेशन सहित जांच की दी गयी जानकारी
चन्दन अग्रहरि
शाहगंज, जौनपुर। ‘आनंदी मां—एक जीवन बचाओ अभियान’ एवं ‘कैंसर मुक्त भारत यात्रा’ के अंतर्गत फरीदुल हक मेमोरिएल डिग्री कॉलेज में मंगलवार को छात्राओं के लिए एचपीवी संक्रमण एवं सर्वाइकल कैंसर जागरुकता गोष्ठी का आयोजन हुआ। गोष्ठी में एक जीवन बचाओ अभियान एवं कैंसर मुक्त भारत यात्रा के अन्तर्गत जागरुकता के लिए जिला मुख्यालय से पहुंचीं संस्था की पदाधिकारी व बतौर मुख्य अतिथि चिकित्सक डा संध्या विजय सिंह ने छात्राओं को एचपीवी संक्रमण, सर्वाइकल कैंसर के कारण, शुरुआती लक्षण, जांच, उपचार और बचाव के उपायों की विस्तार से जानकारी दिया। साथ ही कहा कि जागरुकता, समय पर जांच और उचित वैक्सीनेशन के माध्यम से सर्वाइकल कैंसर के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
एचपीवी संक्रमण कई बार बिना लक्षण के भी होते हैं
मुख्य अतिथि डॉ. संध्या विजय सिंह ने कहा कि ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (एचपीवी) का संक्रमण कई बार बिना किसी स्पष्ट लक्षण के भी शरीर में मौजूद रह सकता है। इसके कुछ प्रकार लंबे समय तक बने रहने पर सर्वाइकल कैंसर का कारण बन सकते हैं। छात्राओं को असामान्य रक्तस्राव, असामान्य योनि स्राव अथवा अन्य संदिग्ध लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करने की सलाह दी। साथ ही एचपीवी टेस्ट सहित आवश्यक स्क्रीनिंग और चिकित्सकीय परामर्श के महत्व को भी समझाया।
वैक्सीनेशन को बताया बेटियों के सुरक्षित भविष्य की अहम कड़ी
डॉ. सिंह ने छात्राओं को एचपीवी वैक्सीन के प्रति जागरूक करते हुए कहा कि कैंसर से बचाव की शुरुआत जागरूकता से होती है और एचपीवी वैक्सीनेशन इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। गोष्ठी में 9 से 26 वर्ष की किशोरियों एवं युवतियों को वैक्सीनेशन के लिए प्रेरित किया गया। यह भी बताया कि वैक्सीन कहां उपलब्ध होती है, किस प्रकार लगाई जाती है और इसका कोर्स किस तरह पूरा किया जाता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वैक्सीनेशन के साथ स्वास्थ्य जागरूकता और आवश्यक जांच भी जरूरी है।
स्वास्थ्य को लेकर लापरवाही न बरतें: डा. रूचि
गोष्ठी में विशिष्ट अतिथि सूर्या हॉस्पिटल की निदेशक एवं जेसीआई शाहगंज शक्ति की पूर्व अध्यक्ष डॉ. रुचि मिश्रा ने छात्राओं को स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने का संदेश दिया। किशोरियों और युवतियों को अपने स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी खुलकर प्राप्त करनी चाहिए। शरीर में होने वाले किसी भी असामान्य बदलाव को छिपाने या नजरअंदाज करने के बजाय समय पर चिकित्सकीय सलाह लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि सही उम्र में सही जानकारी और समय पर उठाया गया सावधानी का कदम भविष्य में गंभीर बीमारी से बचाव का आधार बन सकता है।
छात्राओं की जिज्ञासाओं का विशेषज्ञों ने किया समाधान
गोष्ठी की अध्यक्षता कॉलेज के प्राचार्य डॉ. तबरेज आलम ने किया। संचालन असिस्टेंट प्रोफेसर नाजिया शाहिद ने किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में असिस्टेंट प्रोफेसर डा अनामिका मिश्रा, डा पूजा उपाध्याय, गीता देवी, अंशिका गुप्ता और छात्राओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा। छात्राओं ने एचपीवी संक्रमण, सर्वाइकल कैंसर, वैक्सीनेशन, जांच और बचाव से जुड़े सवाल पूछे जिनका मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथि ने सरल भाषा में समाधान किया। कार्यक्रम के माध्यम से छात्राओं को अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने और ‘जागरूक बेटी, सुरक्षित भविष्य’ का संदेश दिया गया।
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