जौनपुर। जिलाधिकारी सैमुअल पाल एन. की अध्यक्षता में NCORD की जिलास्तरीय समिति की मासिक बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में हुई जहां समिति के संबंधित सदस्य एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। इस मौके पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि ’सार्वजनिक परिवहन के साधनों में धूम्रपान तथा नशीले पदार्थों के सेवन के विरुद्ध सघन जांच एवं प्रभावी कार्रवाई’ सुनिश्चित की जाय। साथ ही स्कूलों एवं कॉलेजों के आस—पास स्थित पान एवं गुटखा की दुकानों पर सतत निगरानी रखते हुए बच्चों को नशीले पदार्थों से दूर रखने के लिये आवश्यक कदम उठाये जायं।
उन्होंने विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में ’नशे के विरुद्ध विशेष अभियान’ चलाने तथा सोशल मीडिया सहित अन्य मीडिया माध्यमों के जरिए नशे के दुष्परिणामों के संबंध में व्यापक जनजागरूकता फैलाने के निर्देश दिए। शिक्षण संस्थानों में “नशामुक्त परिसर” से संबंधित पंपलेट एवं स्टिकर लगवाने के लिए भी निर्देशित किया गया। बैठक में NDPS, DV के अंतर्गत दर्ज मामलों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने तथा दोषियों के विरुद्ध शीघ्र कार्रवाई करने पर विशेष जोर दिया गया। गांजा आदि मादक पदार्थों के संदिग्ध बिक्री स्थलों को चिन्हित कर उनके विरुद्ध सतत प्रवर्तन कार्रवाई करने के निर्देश दिये गये।
जिलाधिकारी ने कहा कि नशीले पदार्थों की बिक्री एवं सेवन पर प्रभावी नियंत्रण के लिये सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें। पान एवं गुटखा की बिक्री पर भी निरंतर निगरानी रखी जाए तथा विद्यालयों एवं कॉलेजों में नशे के दुष्परिणामों के संबंध में विद्यार्थियों को जागरूक किया जाय। ’नशा छोड़ने वाले व्यक्तियों को सार्वजनिक मंच पर सम्मानित’ किया जाए, ताकि अन्य लोगों को भी नशे की लत छोड़ने के लिए प्रेरणा मिले। साथ ही सिविल सोसाइटी संगठनों एवं ’एनजीओ’ को भी नशामुक्ति एवं जनजागरूकता अभियान से सक्रिय रूप से जोड़े जाने के निर्देश दिये गये। सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि नशे के विरुद्ध अभियान को केवल कार्रवाई तक सीमित न रखते हुए ’प्रवर्तन, जनजागरूकता, पुनर्वास एवं सामुदायिक सहभागिता’ के माध्यम से प्रभावी बनाया जाय। इस अवसर पर तमाम सम्बन्धित अधिकारी आदि उपस्थित रहे।
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