विपिन मौर्य
मछलीशहर, जौनपुर। जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सुशील शशि के निर्देशन तथा सचिव पूर्णकालिक सुशील सिंह की देख-रेख में स्थानीय विकास खण्ड में विधिक साक्षरता और जागरूकता शिविर का आयोजन हुआ।
इस मौके पर सिविल जज सी0डि0/सचिव जिला प्राधिकरण ने प्राधिकरण के कार्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला और अधिक से अधिक संख्या में मुकदमों को समझौते और राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से निस्तारित करने पर बल दिया। इसके अतिरिक्त लोगों से अनुशासन का महत्व के बारें में जानकारी प्रदान करते हुये उन्हें अधिकारों का दुरुपयोग न करने के बारे में भी सावधान किया गया।
इसी क्रम में डिप्टी चीफ डिफेंस काउंसिल डॉ दिलीप सिंह ने जेल में निरुद्ध कैदियों के अधिकारों के बारे में बच्ची देवी बनाम स्टेट तथा सतेंद्र आंटील द्वारा दिये गये सर्वोच्च न्यायालय के बारे में विस्तार से बताते हुए कहा कि यदि कोई बंदी जेल में है और उसकी जमानत हो गई है और वह जमानत देने में सक्षम नहीं है, उसकी सामाजिक आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है तो वह व्यक्तिगत बंध पत्र पर आवेदन पत्र देने पर संबंधित न्यायालय द्वारा 30 दिन के लिए छोड़ दिया जाएगा। उसे कालखंड में वह अपने जमानतदार दाखिल कर देगा। साथ ही राष्ट्रीय लोक अदालत, सुलह समझौता केंद्र, पैरा लीगल वालंटियर, फ्रंट लीगल ऑफिस, सुलह समझौता प्री लिटिगेशन केंद्र के बारे में भी विस्तार से बताया।
काउंसलर देवेंद्र यादव ने पारिवारिक मामलों प्राधिकरण के अंगों के बारे में बताते हुए न्याय विभाग द्वारा संचालित टेलीलॉ के बारे में विस्तार से वर्णन किया और 15100 नंबर के महत्व को समझाते हुये कहा कि अधिक से अधिक मुकदमे आपस में समझौते से निपटाया जाय। श्रम प्रवर्तन अधिकारी ने उपस्थित लोगों को श्रम कानून के बारे में बताते हुए उसे अधिक से अधिक लाभ लेने की बात कही गई। अन्त में ग्राम प्रधान महाजन अली ने आभार जताया। इस अवसर पर काउंसलर श्रम प्रवर्तन अधिकारी दीपक गौतम, एक्शन एनजीओ उपनिरीक्षक थाना मछलीशहर मोहम्मद अहमद खान सहित तमाम लोग उपस्थित रहे।
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