इण्टरनेट से डाउनलोड किये गये वर्क परमिट में एडिटिंग कर तैयार करता था फर्जी दस्तावेज
मालदीव भेजने के नाम पर करता था लाखों की ठगी
देवी प्रसाद शर्मा
आजमगढ़। विदेश में नौकरी दिलाने और आकर्षक वेतन का लालच देकर लोगों से साइबर ठगी करने वाले एक शातिर आरोपी को आजमगढ़ साइबर सेल और सिधारी थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने गिरफ्तार किया है। आरोपी इण्टरनेट से मालदीव के असली वर्क परमिट का प्रारूप डाउनलोड कर उसमें एडिटिंग कर फर्जी दस्तावेज तैयार करता था और व्हाट्सएप व प्रिंट कॉपी के जरिए लोगों को भेजकर उनसे किस्तों में रुपये वसूलता था। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से दो फर्जी मालदीव वर्क परमिट, एक मोबाइल फोन, आधार कार्ड, नकदी तथा घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल बरामद की है।
प्रतिबिम्ब पोर्टल पर जांच के दौरान मिली सफलता
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान 'साइबर ठगी के जड़ में वार' के तहत साइबर सेल और थाना सिधारी पुलिस की टीम प्रतिबिम्ब पोर्टल पर संदिग्ध बैंक खातों और एटीएम हॉटस्पॉट की जांच कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि एक व्यक्ति मालदीव में नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों से ठगी कर रहा है और प्लेटिना मोटरसाइकिल से हुसैनगंज की ओर से छतवारा आ रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस ने यादव ढाबा के पास घेराबंदी की। पुलिस को देखकर आरोपी भागने का प्रयास करने लगा, लेकिन टीम ने उसे दौड़ाकर पकड़ लिया। पूछताछ में उसकी पहचान मुकेश यादव (29) पुत्र चन्द्रभूषण यादव निवासी हैदराबाद (छतवारा), थाना सिधारी, जनपद आजमगढ़ के रूप में हुई।
इण्टरनेट से डाउनलोड करता था असली परमिट, फिर बनाता था फर्जी दस्तावेज
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने इण्टरनेट से मालदीव के मिनिस्ट्री आॅफ इकोनॉमिक डेवलपमेन्ट के मूल वर्क परमिट का प्रारूप डाउनलोड कर अपने मोबाइल में सुरक्षित रखा था। बाद में उसी फाइल में एडिटिंग कर अलग-अलग लोगों के नाम से फर्जी वर्क परमिट तैयार करता था। इसके बाद वह इन दस्तावेजों को व्हाट्सएप अथवा प्रिंट कॉपी के माध्यम से भेजकर लोगों को विश्वास में लेता और उनसे विदेश भेजने के नाम पर पैसे वसूलता था। मोबाइल की जांच में पुलिस को मालदीव वर्क परमिट का मूल टेम्पलेट भी मिला, जिसका उपयोग आरोपी फर्जी दस्तावेज तैयार करने में करता था।
मुम्बई में बने सम्पर्कों का उठाया फायदा
जांच में सामने आया कि आरोपी पहले मुंबई में मर्चेंट नेवी से जुड़े कार्य में काम कर चुका है। इस दौरान उसकी पहचान देश के विभिन्न राज्यों के ऐसे श्रमिकों और मजदूरों से हुई थी, जो विदेश जाकर रोजगार करना चाहते थे। आरोपी ने इन्हीं पुराने संपर्कों का फायदा उठाया और खुद को विदेश में नौकरी तथा वीजा उपलब्ध कराने वाला एजेंट बताकर लोगों का विश्वास जीत लिया। इसके बाद वह मालदीव सहित अन्य देशों में अच्छी सैलरी वाली नौकरी दिलाने का झांसा देकर उनसे विभिन्न किस्तों में रकम वसूलता था। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने कई लोगों से इस तरह ठगी करने की बात स्वीकार की है। पुलिस अब उसके अन्य पीड़ितों और पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है।
यह सामान हुआ बरामद
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से दो फर्जी मालदीव वर्क परमिट, एक सैमसंग मोबाइल फोन, एक आधार कार्ड, 200 रुपये नकद तथा घटना में प्रयुक्त प्लेटिना मोटरसाइकिल बरामद की। मोटरसाइकिल को मोटर वाहन अधिनियम की धारा 207 के तहत सीज कर दिया गया है।
इन धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4), 338, 336(3), 340(2) तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66C के तहत मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। साथ ही उसके बैंक खातों, सहयोगियों, लेन-देन और साइबर ठगी के पूरे नेटवर्क की विस्तृत जांच की जा रही है।
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