उमरक्षा गांव में मृत्युंजय महादेव धाम पर आयोजित 7 दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा समाप्त
अंतिम दिन श्रीकृष्ण—सुदामा चरित्र का वर्णन सुनकर भक्तों की आंखें हुईं नम
विनोद पाल/विकास यादव
नौपेड़वा, जौनपुर। स्थानीय क्षेत्र के उमरक्षा गांव में स्थित मृत्युंजय महादेव धाम पर आयोजित 7 दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के अंतिम दिन कथा व्यास आचार्य अनिलेश शुक्ल ने कहा श्रीकृष्ण व सुदामा की मित्रता समाज के लिये अनुकरणीय है। श्रीकृष्ण लीला का अलग-अलग चरित्र का वर्णन करते हुये उन्होंने कहा कि सुदामा के प्रति श्रीकृष्ण का प्रेम आज भी समाज के लिए प्रेरणादायी है। भागवत कथा सुनने मात्र से लोक परलोक दोनों सुधर जाता है। आज जब भाई-भाई के खून का प्यासा हो जा रहा है। ऐसे में श्रीकृष्ण व सुदामा के बीच दिखा भाव—विह्वलता समाज के लिये प्रेरणादायक है। सत्संग से दुर्लभ मानव योनि को भी मोक्ष मिल जाता है।
भागवत कथा के दौरान उन्होंने कहा कि कलयुग केवल राम अधारा, सुमिरि-सुमिरि नर उतरहि पारा। कलयुग में राम का नाम ही भवसागर से पार करा सकता है। कथा समापन के बीच एक माह तक अनवरत सहयोग करने वाले महिला युवतियों एवं युवाओं को सम्मानित किया गया। मुख्य यजमान आयोजक सुशील उपाध्याय ने अतिथियों का स्वागत किया।
इस अवसर पर राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार गिरीश चन्द्र यादव, बदलापुर विधायक रमेश चन्द्र मिश्र, पूर्व विधायक डा. हरेन्द्र प्रताप सिंह, सूर्य प्रकाश सिंह, शिक्षक नेता संतोष सिंह यादव, पंकज मिश्र, संतोष मिश्र, विकास शर्मा, नीरज मौर्य, संतोष सिंह, दीपक सिंह माण्टो, उमेश चन्द्र उपाध्याय, पद्यावती उपाध्याय, सतीश उपाध्याय, नीलम उपाध्याय, अधिवक्ता संतोष उपाध्याय, स्नेहलता उपाध्याय, अरुण उपाध्याय, ओम प्रकाश सिंह, कपिलमुनि मिश्र, रमाशंकर उपाध्याय, सदानन्द शुक्ल, कैलाश शुक्ल, हीरामणि उपाध्याय, ढोलन शुक्ल, विकास, पुजारी अभिषेक, आदर्श मिश्र सहित सैकड़ों भक्तजन मौजूद रहे। अन्त मे आरती व भक्तों के बीच प्रसाद वितरण किया गया।
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