ग्राम पंचायत पलिया में मिट्टी का हुआ परीक्षण
जैविक खेती एवं उत्पादन बढ़ाने के उपायों पर हुई चर्चा
डा. प्रदीप दूबे
सुइथाकला, जौनपुर। स्थानीय विकास खण्ड स्थित पलिया ग्राम पंचायत में बुधवार को खेत बचाओ, विकसित कृषि संकल्प अभियान के अंतर्गत कृषक जागरूकता कार्यक्रम हुआ। कार्यक्रम में किसानों को मिट्टी परीक्षण, संतुलित उर्वरक उपयोग, जैविक खेती तथा आधुनिक कृषि तकनीकों के माध्यम से उत्पादन बढ़ाने की विस्तृत जानकारी दी गई।
कृषि वैज्ञानिक डॉ. रूपेश सिंह ने किसानों को मिट्टी जांच के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि बिना परीक्षण के रासायनिक उर्वरकों का अत्यधिक उपयोग मिट्टी की उर्वरा शक्ति को नुकसान पहुंचाता है। मिट्टी की जांच रिपोर्ट के आधार पर ही उर्वरकों का प्रयोग किया जाए, जिससे लागत कम होगी और उत्पादन में वृद्धि होगी। साथ ही उन्होंने नवीनतम कृषि तकनीकों, सूक्ष्म पोषक तत्वों के संतुलित उपयोग तथा फसल प्रबंधन के उपायों की जानकारी दी।
जैविक खेती विशेषज्ञ डॉ. हरिओम वर्मा ने किसानों को जैविक खेती के लाभ बताते हुए हरी खाद, गोबर की खाद, वर्मी कम्पोस्ट तथा जैव उर्वरकों के उपयोग पर जोर दिया। मिट्टी की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए जैविक पदार्थों का प्रयोग आवश्यक है। यदि समय रहते मिट्टी की सेहत पर ध्यान नहीं दिया गया तो खेतों के ऊसर होने का खतरा बढ़ जाएगा। उन्होंने किसानों से रासायनिक उर्वरकों के साथ जैविक विकल्पों को अपनाने की अपील किया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रधान प्रतिनिधि पंचम बिन्द ने किसानों से वैज्ञानिक सलाह के अनुरूप खेती करने का आह्वान किया। इस अवसर पर एसएमएस नन्द किशोर, एडीओ एजी शिवम गुप्ता सहित क्षेत्र के बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे। कार्यक्रम में किसानों की समस्याओं को सुनकर उनके समाधान भी बताते हुये टिकाऊ एवं लाभकारी खेती को बढ़ावा देने पर बल दिया गया।
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