धनियामऊ में सात दिवसीय मानस कथा के 5वें दिन उमड़ी भीड़
नौपेड़वा, जौनपुर। बक्शा विकास खण्ड धनियामऊ बड़ारी गांव में सात दिवसीय श्रीमद्भागवत महापुराण कथा सप्ताह ज्ञान यज्ञ कथा के 5वें दिन श्री धाम अयोध्या से पधारे कथा ब्यास आचार्य अंकित जी महाराज ने कहा कि श्रीकृष्ण ने गोवर्धन की पूजा कर कुरीतियों का विनाश किया। कन्हैया इन्द्र का मान मर्दन करते हुए गोर्वधन पूजन कर हमें सीख दिया कि कुरीतियों को परंपरा के नाम पर ढोना नहीं चाहिये, बल्कि प्रगतिवादी बनकर अच्छी परम्परा का सृजन करना चाहिए।
आचार्य ने माखन चोरी एवं श्रीकृष्ण लीला कथा सुनाते हुए कहा कि गोपियों ने यशोदा से कहा कि मैया तेरो लल्ला मिट्टी खा रहा है। मैया जब कृष्ण के पास पहुँच डांटते हुए पूछा की तूने मिट्टी खाई है तो कृष्ण ने कहा कि नहीं मैया, मैंने मिट्टी नहीं खाई है। यशोदा की डांट पश्चात श्रीकृष्ण के मुंह खोलते ही विराट स्वरूप के दर्शन हुआ। आज सनातन धर्म पर विधर्मियों का हमला हो रहा है। कहते हैं कि श्रीकृष्ण की रासलीला के समय उनकी आयु मात्र सात वर्ष थी। गोपियों के सरोवर में नग्न होकर स्नान के दौरान उन्हें सीख देने के लिए वस्त्र को चुराना पड़ा। श्रीकृष्ण इसे देवताओं का अपमान मानते थे। उन्होंने राजा बलि की कथा सुनाते हुए कहा कि समर्पण से प्रसन्न भगवान वामन अति प्रसन्न हुए। शुक्राचार्य ने राजा बलि को दान करने से रोका जिस कारण उनकी एक आंख चली गयी।
इस अवसर पर मुख्य यजमान प्रेमकुमारी मिश्रा, हरिश्चंद्र मिश्र, साधना मिश्रा, रामचन्द्र मिश्र, मुनीश चंद मिश्र, डॉ. राजदेव दूबे, विनय शुक्ल, जितेंद्र श्रीवास्तव, श्रीवास्तव, कृष्ण कुमार सिन्हा, प्रेमचंद्र मिश्र, महेन्द्र मिश्र, विमल मिश्र, पंकज मिश्र, नीरज मिश्र, संदीप मिश्र सहित सैकड़ों भक्तजन मौजूद रहे।
.jpg)











