New Delhi: दिल्ली पुस्तकालय संघ के निर्विरोध अध्यक्ष बने प्रो. केपी जी

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New Delhi: दिल्ली पुस्तकालय संघ के निर्विरोध अध्यक्ष बने प्रो. केपी जी


पुस्तकालय-सूचना विभाग दिल्ली विश्वविद्यालय के अध्यक्ष भी हैं

बादल हुसैन

नई दिल्ली। प्रसिद्ध शिक्षाविद्, उत्कृष्ट अकादमिक प्रशासक, शिक्षक हितों के लिए संघर्ष करने वाले शिक्षक, कुशल संपादक बहुआयामी व्यक्तित्व के धनी प्रो. के.पी सिंह भारत के 88 साल पुराने दिल्ली पुस्तकालय संघ के निर्विरोध अध्यक्ष चुने गये। प्रो. सिंह वर्तमान में दिल्ली विश्वविद्यालय में पुस्तकालय और सूचना विज्ञान विभाग के अध्यक्ष, गांधी भवन के निदेशक और स्नातकोत्तर छात्रावास के प्रोवोस्ट के रूप में कार्यरत हैं।

एक प्रेस कांफ्रेंस में नई टीम की घोषणा करते हुए डीएलए की नवनियुक्त जन सूचना अधिकारी डॉ. रितु वर्मा ने बताया कि वर्ष 2026 से 2030 के लिए दिल्ली पुस्तकालय संघ ने निम्नलिखित पदाधिकारी को चुना गया है। प्रो. केपी सिंह को अध्यक्ष, प्रो. मीरा को वरिष्ठ उपाध्यक्ष, डॉ. कुमार संजय को उपाध्यक्ष, डॉ. ज्ञानेंद्र नारायण सिंह को महासचिव, डॉ. महेश चंद को कोषाध्यक्ष तथा डॉ. तरुणा जोशी और राजकुमार पैटन को सचिव के रूप में चुना गया।

दिल्ली लाइब्रेरी एसोसिएशन, जिसे आम तौर पर डीएलए के नाम से जाना जाता है, भारत के सबसे पुराने पुस्तकालय संघों में से एक है। इसकी स्थापना 1939 में सर जॉन फिलिप सार्जेंट ब्रिटिश भारत के प्रमुख शिक्षा सचिव ने अध्यक्ष और प्रो. राम किशोर दिल्ली विश्वविद्यालय के तत्कालीन कुलपति ने वरिष्ठ उपाध्यक्ष के रूप में की थी। भारत में पुस्तकालय शिक्षा और अनुसंधान को बढ़ावा देने में डीएलए की भूमिका को देखते हुए 1953 में इस संघ को प्रमुख राजनीतिक हस्तियों द्वारा पुनर्जीवित किया गया। इनमें चौधरी ब्रह्म प्रकाश दिल्ली के पहले मुख्यमंत्री और शांता वशिष्ठ राज्यसभा से दो बार सांसद और उस समय दिल्ली की शिक्षा मंत्री शामिल थे। डीएलए को प्रो. सीपी वशिष्ठ, प्रो. गिरजा कुमार, डॉ. रविंदर शर्मा, प्रो. के.पी. सिंह जैसे पूर्व अध्यक्षों की समृद्ध विरासत प्राप्त है।

डीएलए के महासचिव डॉ. ज्ञानेंद्र नारायण सिंह ने बताया कि केपी सिंह का अध्यक्ष के तौर पर यह दूसरा कार्यकाल है। यह दूसरा कार्यकाल उनके पहले कार्यकाल (2022-2026) के दौरान रखी गई मज़बूत नींव को और आगे बढ़ाने वाला साबित होगा। प्रो. सिंह के नेतृत्व में डीएलए ने कई अहम उपलब्धियाँ हासिल की हैं जिनमें वित्तीय स्थिरता का निवारण उनके करिश्माई नेतृत्व को दर्शाती है। केपी सिंह सतत विकास का पर्याय हैं।

इस अवसर पर वरिष्ठ प्रो आरके भट्ट, डॉ. पिंकी शर्मा, डॉ. निवेदिता शर्मा, डॉ. नरेंद्र कुमार, डॉ. प्रभात चौधरी, डॉ. अशोक कुमार निदेशक इग्नू, डॉ. तरुणा जोशी, डॉ. राजेश कुमार, डॉ. हंसराज, सतवीर सिंह खासा, डॉ. विनय गुप्ता, उमेश गुप्ता, प्रतीक सिंह, सिद्धार्थ राय, परमीत सिंह, आशीष कुमार, पुनीत पाण्डेय, केसी मनोज, राहुल सिंह,राजेश तिवारी, उपासना सहित तमाम लोग उपस्थित रहे।

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