तेजस टूडे सं.
सौरभ सिंह
सिकरारा, जौनपुर। स्थानीय क्षेत्र के पचोखर गांव निवासी और जनपद के प्रतिष्ठित बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. विनोद सिंह के बड़े भाई डॉ. आमोद सिंह का निधन हो गया। उनके निधन की सूचना मिलते ही जिले के चिकित्सकों, समाजसेवियों और शिक्षाविदों में शोक की लहर दौड़ गई। शुक्रवार को वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर उनका अंतिम संस्कार संपन्न हुआ।
आदर्श शिक्षक के रूप में बनायी थी विशिष्ट पहचान
जनपद में अपनी प्रारंभिक शिक्षा पूर्ण करने के बाद डॉ. आमोद ने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने केएनआई सुल्तानपुर में प्रोफेसर के पद पर अपनी सेवाएं दीं। इसके पश्चात लखीमपुर खीरी के एक महाविद्यालय में लंबे समय तक प्राचार्य पद की जिम्मेदारी संभाली और वहीं से अवकाश ग्रहण किया। डॉ. आमोद सिंह जिले के प्रसिद्ध वैद्य शिव सहाय के पौत्र थे और अपने सरल स्वभाव व आदर्श व्यक्तित्व के लिए जाने जाते थे।
दिल्ली के मैक्स अस्पताल में चल रहा था उपचार
परिजनों के अनुसार करीब एक सप्ताह पूर्व डॉ. आमोद की तबीयत अचानक बिगड़ गई थी। उन्हें उपचार के लिए दिल्ली के मैक्स हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था जहां उन्होंने अंतिम सांस ली। तीन भाइयों में वह सबसे बड़े थे। उनके मंझले भाई डॉ. प्रमोद मिहरावां इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य पद से सेवानिवृत्त हो चुके हैं जबकि सबसे छोटे भाई डॉ. विनोद सिंह जिले के जाने-माने चिकित्सक हैं।
श्रद्धांजलि देने वालों का लगा तांता
डॉ. आमोद सिंह के निधन पर आईएमए अध्यक्ष डॉ. शुभा सिंह, वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. अरुण मिश्र, डॉ. एनके सिंह, डॉ. हरेंद्र प्रसाद सिंह, डॉ. सुबास सिंह, डॉ. बीएस उपाध्याय, डॉ. मुकेश शुक्ल समेत जनपद के तमाम गणमान्य नागरिकों ने गहरा शोक व्यक्त किया। श्रद्धांजलि अर्पित करने वालों ने इसे शिक्षा और समाज के लिए एक अपूरणीय क्षति बताया।
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