jaunpur news: भगवान निषादराज के जन्मोत्सव पर उमड़ा जनसैलाब, 'जय निषादराज' के उद्घोष से गूंजा शहर

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jaunpur news:  भगवान निषादराज के जन्मोत्सव पर उमड़ा जनसैलाब, 'जय निषादराज' के उद्घोष से गूंजा शहर


भव्य शोभायात्रा में झांकियां, भजन एवं दिग्गजों की उपस्थिति से दिखा आस्था का संगम


शुभांशू जायसवाल

जौनपुर। मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के अनन्य सखा भगवान निषादराज की जयंती पर रविवार को शहर भक्ति और उल्लास में सराबोर नजर आया। भगवान निषादराज सेवा समिति के तत्वावधान में निकली भव्य शोभायात्रा ने पूरे शहर को भक्तिमय माहौल में रंग दिया। जौनपुर जंक्शन (भंडारी स्टेशन) से दोपहर एक बजे शुरू हुई इस शोभायात्रा में श्रद्धालुओं का ऐसा जनसैलाब उमड़ा कि सड़कों पर तिल रखने की जगह नहीं बची। हर ओर “जय निषादराज” के उद्घोष से वातावरण गुंजायमान रहा।

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शोभायात्रा में भक्ति और संस्कृति का अद्भुत संगम देखने को मिला। आकर्षक झांकियां, भगवान निषादराज के जीवन प्रसंगों का जीवंत चित्रण और भजनों की मधुर धुनों पर झूमते श्रद्धालु इस यात्रा के मुख्य आकर्षण रहे। बैंड-बाजों और लोकगीतों की प्रस्तुति ने माहौल को और भी उल्लासमय बना दिया। अनुमानित 10 हजार से अधिक लोगों की सहभागिता ने इस आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया। युवा, महिलाएं और बच्चे सभी पूरे उत्साह के साथ शामिल हुये।

कार्यक्रम में कई प्रमुख राजनेताओं और समाजसेवियों की गरिमामयी उपस्थिति भी रही। अतिथियों में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री डॉ. राजभूषण चौधरी, राज्यमंत्री गिरीश चंद्र यादव, जीएमएसएस के राष्ट्रीय अध्यक्ष सकलदेव बिंद, सांसद डॉ. विनोद बिंद, राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. लेखराज सिंह, राज्य महिला आयोग की सदस्य गीता बिंद शामिल रहीं। इसके अलावा स्वर्ण पदक विजेता खुशबू निषाद, बृजेश निषाद, रामसूरत निषाद, गुलाब निषाद, धर्मेंद्र निषाद, राजकुमार बिंद, नीरज निषाद, मुकेश निषाद, समाजसेवी विरजा निषाद, गुलशन निषाद, आलोक निषाद, निषाद पार्टी के नगर अध्यक्ष आशीष निषाद, सतीश निषाद, रोशन निषाद सहित अनेक गणमान्य लोगों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।

भंडारी स्टेशन से प्रारंभ होकर यह शोभायात्रा शहर के विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए जोगियापुर स्थित शास्त्री पुल के नीचे भगवान निषादराज मंदिर पहुंची जहां विधि-विधान से आरती और पूजा-अर्चना के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। समिति के पदाधिकारियों ने सफल आयोजन के लिए जिला प्रशासन और सभी श्रद्धालुओं का आभार जताया। भगवान निषादराज का जीवन प्रेम, समर्पण और सामाजिक समरसता का प्रतीक माना जाता है और इस आयोजन में उमड़ी भीड़ ने उनके प्रति लोगों की अटूट आस्था को एक बार फिर प्रदर्शित किया।

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