Jaunpur News: आखिरकार सलाखों के पीछे पहुंच ही गया सरकारी प्रधानाध्यापक, मगर कार्यवाही के नाम पर विभाग नतमस्तक

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Jaunpur News: आखिरकार सलाखों के पीछे पहुंच ही गया सरकारी प्रधानाध्यापक, मगर कार्यवाही के नाम पर विभाग नतमस्तक


जेल भेजे जाने के एक सप्ताह बाद तक भी विभाग ने नहीं की कोई कार्यवाही, जिम्मेदार मौन


अनुपम मौर्य

बरसठी, जौनपुर। स्थानीय विकास खंड के महमदपुर पट्टी हुलास के प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक रजनीश निषाद के कृत्य ने शिक्षा जैसे पवित्र क्षेत्र को कलंकित किया, उसे कानून ने जेल की सलाखों के पीछे तो भेज दिया लेकिन हैरानी की बात तो यह है कि शिक्षा विभाग ने कार्यवाही के नाम पर मौन साधे बैठा है। सवाल यह उठ रहा है कि क्या विभाग आरोपि के आगे नतमस्तक हो गया है?




क्या है पूरा मामला

बीते 21 फरवरी को महमदपुर पट्टी हुलास गांव की कक्षा 4 की दो छात्राएं प्राथमिक विद्यालय महमदपुर पट्टी हुलास में पढ़ने गई थी और प्रधानाध्यापक रजनीश निषाद पुत्र मिठाई लाल निषाद निवासी ग्राम खमपुर थाना बक्सा ने उन दोनों छात्राओ के साथ जो कुछ छेड़खानी किया था, वह रोते हुए अपने परिजन को बताए जिससे यह मामला परिजन के माध्यम से पुलिस को दिया। पुलिस ने आरोपी को विरुद्ध कार्यवाही कर जांच में जुट गई और अंततोगत्वा 10 4.2026 को प्रधानाध्यापक रजनीश निषाद को सलाखों के पीछे भेज दिया।



विभागीय कार्यवाही के नाम पर विभाग नतमस्तक

प्रधानाध्यापक रजनीश निषाद को जेल भेजे एक सप्ताह हो जाने के बावजूद अभी तक उसके ऊपर कोई भी विभागीय कार्यवाही शिक्षा विभाग ने नहीं की। अब देखने वाली बात यह होगी कि विभाग क्या वास्तव में कोई सख्त कदम उठाता है जिससे शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही बनी रहे या फिर यह मामला फाइलों में दब कर रह जायेगा।



प्रधानाध्यापक का एक और कारनामा: फर्जी हस्ताक्षर कर गबन किये 26956 रूपये

प्राथमिक विद्यालय में तैनात प्रधानाध्यापक रजनीश निषाद का पूर्व में किए गए एक और कारनामा सुर्खियों में है। विद्यालय की शिक्षा समिति के अध्यक्ष के नाम पर धोखाधड़ी कर शिक्षा समिति के अध्यक्ष सुशील कुमार का फर्जी हस्ताक्षर कर विद्यालय के खाते से 26956 रुपए की रकम निकाल जब यह मामला सामने आया तो पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। अध्यक्ष सुशील कुमार ने कहा कि उन्होंने किसी भी प्रकार की निकासी के लिए कोई हस्ताक्षर नहीं किया यह सब सीधा-सीधा फर्जी गबन किया गया है जिसकी शिकायत जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी और एसडीएम मडियाहूं को की गई है। यह मामला सिर्फ 26956 रुपए का नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता और जिम्मेदारी पर उठते गंभीर सवालों का है। अब देखना है कि प्रशासन इस पर कितनी तेजी और सख्ती से कार्यवाही करता है?



खण्ड शिक्षा अधिकारी का जवाब

उपरोक्त दोनों मामलों में दूरभाष के माध्यम से पूछे जाने पर खंड शिक्षा अधिकारी बरसठी गौतम प्रसाद ने बताया कि हमें कोई अधिकारीक तौर पर अभी तक कोई आदेश नहीं आया है जिससे उन्हें सस्पेंड किया जाय। यह मामला उच्च अधिकारियों का है। वहीं 26956 रुपए के गबन मामले में खंड शिक्षा अधिकारी ने बताया कि जांच चल रही है। दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई होगी।

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