तेजस टूडे सं.
राकेश शर्मा
खेतासराय, जौनपुर। स्थानीय कस्बा में एक गम्भीर ठगी, धोखाधड़ी और जान से मारने की धमकी का मामला सामने आया है। कासिमपुर वार्ड निवासी मोहम्मद आसिफ ने अदालत का दरवाजा खटखटाते हुए आरोप लगाया कि स्थानीय दो व्यापारियों द्वारा उनसे लाखों रुपये की ठगी की गई और पैसा वापस माँगने पर उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई।
जानकारी के अनुसार मोहम्मद आसिफ पुत्र मोहम्मद अच्छन ने अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (एसीजेएम) द्वितीय की अदालत में याचिका दायर की थी। याचिका में बताया गया कि वर्ष 2023 से 2026 के बीच विभिन्न तिथियों पर शाहगंज स्थित अलविदा फुटवेयर नामक दुकान से जुड़े अभियुक्तों अब्दुल अहद और हमजा पुत्रगण इस्लाम ने छल-कपट और बेईमानी से उनसे कुल लगभग 4,33,000 रुपये (1,88,000 रुपये एवं 2,45,000 रुपये) प्राप्त कर लिये।
आरोप है कि यह धनराशि गवाहों की उपस्थिति में तथा आंशिक रूप से बैंक खाते के माध्यम से दी गई जिसके दस्तावेजी साक्ष्य भी प्रस्तुत किए गए हैं। यह भी कहा कि आरोपियों द्वारा अन्य लोगों के साथ भी इसी प्रकार की ठगी किए जाने की जानकारी बाद में मिली।
धमकी एवं अभद्रता का आरोप
मोहम्मद आसिफ ने अपनी याचिका में बताया है कि जब उन्होंने आरोपियों से पैसे की वापसी की माँग किया तो उन्हें गाली-गलौज करते हुए जान से मारने और शव गायब कर देने की धमकी दी गई। इससे वह मानसिक रूप से आहत और भयभीत हो गए। यह भी कहा कि आरोपियों का क्षेत्र में आतंक का माहौल है।
पुलिस पर कार्यवाही न करने का आरोप
परिवादी ने बताया कि इस मामले की शिकायत थाना स्तर पर करने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में भी प्रार्थना पत्र दिया लेकिन वहां से भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
अदालत का सख्त रूख
मामले की सुनवाई करते हुए एसीजेएम द्वितीय जौनपुर अनुज जौहर ने 7 अप्रैल को महत्वपूर्ण आदेश पारित किया। न्यायालय ने दंड प्रक्रिया संहिता के प्रासंगिक प्रावधानों (बीएनएसएस की धारा 173(4)) के तहत थाना शाहगंज के प्रभारी निरीक्षक को निर्देशित किया कि प्रकरण में सुसंगत धाराओं में प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) दर्ज की जाए और विधि के अनुसार विवेचना करायी जाय। साथ ही न्यायालय ने यह भी आदेश दिया कि दर्ज की गई FIR की प्रति सात दिनों के भीतर न्यायालय में प्रस्तुत की जाय।
पुलिस को आदेश का अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश
अदालत के आदेश के अनुपालन में थाना शाहगंज को 10 अप्रैल को आवश्यक कार्रवाई हेतु निर्देशित किया गया है। अब इस मामले में पुलिस की विवेचना और आगे की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
न्याय की उम्मीद
परिवादी ने न्यायालय से न्याय की गुहार लगाते हुए अपनी धनराशि की वापसी और आरोपियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग किया है। इस मामले ने एक बार फिर स्थानीय स्तर पर ठगी और पुलिस की प्रारंभिक निष्क्रियता जैसे मुद्दों को उजागर किया है।
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