अजय जायसवाल/अजय पाण्डेय
बड़हलगंज, गोरखपुर। स्थानीय तहसील क्षेत्र के ग्राम कोल्हुआ में आयोजित नौ दिवसीय 'श्रीमद्भागवत कथा महापुराण' के सातवें दिन सुदामा चरित्र के प्रसंग ने श्रद्धालुओं को भक्ति के सागर में सराबोर कर दिया। अवध प्रांत (प्रतापगढ़) से पधारे सुप्रसिद्ध कथा व्यास आचार्य कुलदीप पाण्डेय ने जब भगवान श्री कृष्ण और उनके परम मित्र सुदामा के मिलन का वर्णन किया तो पूरा पंडाल 'जय श्री कृष्णा' जय राधे के जयघोष से गूँज उठा।
मित्रता का अनूठा उदाहरण कथा वाचक आचार्य ने सुदामा की दीन-हीन दशा और उनके अटूट विश्वास का वर्णन करते हुए बताया कि सच्ची मित्रता में अमीरी और गरीबी की कोई दीवार नहीं होती। उन्होंने भावपूर्ण स्वर में वर्णन किया कि कैसे द्वारिकाधीश भगवान कृष्ण ने अपने बाल सखा सुदामा के आने की खबर सुनकर नंगे पाँव दौड़ लगा दी और उनके चरणों को आंसुओं से धोया। इस मार्मिक दृश्य का चित्रण सुनकर उपस्थित श्रद्धालुओं की आँखें नम हो गईं।
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