सुइथाकला, जौनपुर। स्थानीय क्षेत्र स्थित सोनरा गांव में बीते नौ फरवरी को मड़हे में लगी आग के बाद लापता कबाड़ व्यवसाई का शव सोमवार को उसके ही कबाड़खाने में मलबे में दबा मिला। सूचना मिलते ही पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और मामले की छानबीन शुरू कर दी। जानकारी के अनुसार उक्त गांव निवासी रामसुभग बरनवाल (68) क्षेत्र में कबाड़ का कारोबार करते थे। निर्धन परिवार के इकलौते कमाने वाले सदस्य रामसुभग पत्नी के निधन के बाद अपनी जमीन पर बने मड़हे में रहते थे।
उनके दो बेटे प्रदीप व संदीप डीह असरफाबाद बाजार में दुकानों पर मजूदूरी कर जीविका चलाते हैं। 9 फरवरी की रात उनके मड़हे में आग लग गई। ग्रामीणों ने आग बुझाई लेकिन राम सुभग उसी रात से लापता हो गये। बेटों ने पिता के कहीं चले जाने की आशंका से बहुत खोजबीन नहीं किया। सप्ताह भर बाद मड़हे के पास कबाड़ व पुआल के ढेर से दुर्गंध आने पर ग्रामीण जमा हो गए। वहां मलबे में पैर दिखाई दिया। लोगों ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। थानाध्यक्ष यजुवेंद्र सिंह ने बताया कि प्रथम दृष्टया मलबे में दबकर मौत की घटना प्रतीत हो रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद आगे की कार्यवाही होगी।
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