Jaunpur News: जगतगुरू रामभद्राचार्य जी ने शीतला धाम में माता रानी के चरणों में टेका मत्था

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Jaunpur News: जगतगुरू रामभद्राचार्य जी ने शीतला धाम में माता रानी के चरणों में टेका मत्था




बिपिन सैनी

चौकियां धाम, जौनपुर। मां शीतला चौकियां धाम में गुरुवार की सुबह पद्मविभूषण, जगतगुरु रामभद्राराचार्य ज़ी महराज अपने उत्तराधिकारी शिष्य जय महराज के साथ शीतला चौकियां धाम पहुंचे। वह एक निजी कार्यक्रम में सम्मिलित होने आये थे। जानकारी के अनुसार महंगूपुर निवासी एक व्यक्ति के नवनिर्मित गृह प्रवेश कार्यक्रम में शामिल होने से पहले गुरू जी ने मां शीतला का दर्शन—पूजन करके आशीर्वाद लिया। इस दौरान जिलाधिकारी डा. दिनेश चंद्र, पुलिस अधीक्षक अनुपम सिंह के अलावा भारी पुलिस बल, फायर ब्रिगेड, यातायात पुलिस समेत कई थानों से पुलिस बल मौजूद रही।

गुरुवार की सुबह लगभग साढ़े 10 बजे रामभद्राचार्य ज़ी हेलीकाप्टर से शीतला चौकियां के महंगुपुर पहुंचे। हेलीकाप्टर का हैलीपेड भगौतीपुर स्थित खेत में बनाया गया। इस अवसर पर अंकुर पाठक, सुरेश चंद्र पाठक, महंत विवेकानंद पंडा, विकास पंडा, चन्द्रदेव पंडा, सोनू पंडा, सुजीत पंडा, राजेश पंडा, मोनी पंडा सहित तमाम लोग उपस्थित रहे जिन्होंने गुरू जी का अभिनन्दन किया।


सीधे चौकियां धाम पहुंचे जगतगुरू

हेलीकाप्टर से उतरने के बाद गुरू जी सीधे मां शीतला धाम पहुंचे जहां महंत विवेकानंद पंडा, विनय त्रिपाठी आदि ने विधि—विधान से वैदिक मंत्रोचारण करके उन्हें माँ शीतला का पुष्प, चुनरी अर्पित करके पूजन कराया। इस दौरान दरबार में जगतगुरू ने माता रानी की स्तुति करके चरणों में मत्था टेका। माता रानी जी के जयकारों से सारा वातावरण भक्तिमय हो गया। दर्शन पूजन करने के पश्चात वापस गृह प्रवेश कार्यक्रम में पहुंचे। काफ़ी संख्या में लोग जगतगुरु से मिलने एवं आशीर्वाद लेने पहुंचते रहे। जगतगुरु अपने शिष्य जय महाराज ज़ी के कार्यक्रम में साथ लगभग दो घंटे उपस्थित रहे।


हेलीकाप्टर देखने उमड़े लोग

भगौतीपुर खेत में उतरे हेलीकाप्टर को देखने लोग भारी संख्या में मौजूद रहे। लोगों के बीच कौतुहल बना रहा। मोबाइल में लोग फोटो, वीडियो बनाते देखे गये।


स्वर्ग से भी बड़ी होती है मां एवं मातृभूमि

इस दौरान जुटे पत्रकारों से वार्ता करते हुये जगतगुरू ने बताया कि मां और मातृभूमि स्वर्ग से भी बड़ी होती है। जौनपुर मेरी जन्मभूमि है। यही मातृभूमि से पहला ज्ञान मिला। जगतगुरू, ज्ञानपीठ, पद्मभूषण की उपाधि मिली। मातारानी का आशीर्वाद लेने आया था। कोई और उद्देश्य नहीं था। वहीं अखिलेश यादव के बयान की बात को लेकर उन्होंने इन्कार कर दिया। इसके बाद थोड़ी देर विश्राम करने के पश्चात हेलीकाप्टर से बस्ती के लिये रवाना हो गये। बता दें कि रामभद्राचार्य जी बस्ती जिले से ही सीधे शीतला चौकियां धाम में गृह प्रवेश कार्यक्रम में आये थे।


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