शुभांशू जायसवाल
जौनपुर। शनिवार को मुस्लिम समुदाय के लोगो ने रमज़ान का तीसरा रोज़ा रखकर मुल्क में अमन, चैन व शांति के लिए दुआए माँगी वही देर रात्रि तक सुन्नी समुदाय के लोगों ने मस्जिदों में तराबी पढ़ी। मौलाना मुबाशिर ने रमज़ान की फ़ज़ीलत बताते हुए कहा कि अल्लाह ने रोज़ा हमारे ऊपर इस लिये फ़र्ज़ किया है, ताकि हम परहेज़गार बन जाएं और गुनाहों को छोड़ दें।
अगर रोज़े की हालत में हम गुनाह करते हैं तो हमारे रोज़े को अल्लाह को कोई ज़रूरत नहीं है। उन्होंने ज़क़ात एवं फितरा के बारे में भी विस्तार से बताते हुए कहा कि रोज़ेदारों को चाहिए कि वह अपने पड़ोसियों, रिश्तेदारों में उन लोगों का भी ख्याल रखें जो ग़रीबी की वजह से रमज़ान में परेशान नज़र आते हैं। इससे रोज़ेदार का सवाब और बढ़ जाता है। महिलाएं घरों में क़ुरान की तिलावत करे और खुदा से दुआ मांगे, क्योंकि अल्लाह इस पाक महीने में सभी की मुरादों को पूरा करता है।
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