महराजगंज, जौनपुर। स्थानीय ब्लाक क्षेत्र के ग्राम पंचायत गद्दोपुर में सामुदायिक शौचालय निर्माण में बड़े पैमाने पर अनियमितता का मामला सामने आया है। आरोप है कि शौचालय को कागजों में पूर्ण दर्शाकर करीब 5.25 लाख रुपये का भुगतान निकाल लिया गया, जबकि जमीनी हकीकत में पांच वर्षों बाद भी निर्माण कार्य अधूरा पड़ा है।
ग्रामीणों के अनुसार वित्तीय वर्ष 2019-20 में सामुदायिक शौचालय निर्माण के लिए शासन से धनराशि स्वीकृत हुई थी। निर्माण कार्य पूर्व प्रधान शिव प्रसाद गौतम तथा सिक्रेटरी पुरूषार्थ यादव द्वारा शुरू तो किया गया लेकिन आज तक भवन के कार्य अधूरा ही पड़ा रह गया। केवल बाहरी ढाचा तैयार कर पूरे सवा पांच लाख रूपये निकाल लिए गये। आरोप है कि निकाली गयी धनराशि बंदरबाट कर ली गयी परन्तु सामुदायिक शौचालय की भीतरी दीवारें अधूरी रह गयी यहां तक कि शौच के बर्तन तक नहीं बैठाया गया। भीतर बाहर गंदगी का अम्बार है। गंदगी से उस रास्ते से पैदल चलना भी मुश्किल है।
ग्रामीणों का कहना है कि कार्यकाल बदलते ही तत्कालिक प्रधान की प्रधानी चली गयी और सिक्रेटरी का तबादला हो गया तभी से कार्य अधूरा ही पड़ा रह गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि शौचालय के अभाव में उन्हें खुले में शौच के लिए मजबूर होना पड़ रहा है जिससे स्वच्छता अभियान की मंशा पर सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों ने मामले की जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई तथा शेष निर्माण कार्य शीघ्र पूर्ण कराने की मांग की है। इस संबंध में प्रभारी एडीओ पंचायत उमेन्द्र यादव ने मामले की जांच कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो वे उच्चाधिकारियों से शिकायत करने को बाध्य होंगे।
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