- कायस्थ महासभा ने मनाई स्वामी विवेकानन्द की 162वीं जयंती
जौनपुर। कलकत्ता में जन्मे विवेकानंद जी राम कृष्ण परम हंस को अपना गुरु मानते थे, हिंदुत्व की जों व्याख्या विवेकानंद जी ने शिकागो में कर सनातन धर्म का परचम लहराया वह पूरी दुनिया में प्रासंगिक है, युवाओं को उनके जीवन दर्शन से प्रेरणा लेने की जरूरत है।
उक्त बातें कर्मचारी नेता राकेश श्रीवास्तव प्रदेश महासचिव/जिलाध्यक्ष अखिल भारतीय कायस्थ महासभा जौनपुर द्वारा स्वामी विवेकानंद पार्क ख्वाजादोस्त सिपाह में स्वामी जी के प्रतिमा पर माल्यार्पण के बाद उपस्थिति स्वातीय बंधुओ को संबोधित करतें हुए कही।
युवा अध्यक्ष अमित भारत ने विवेकानंद जी के जीवन दर्शन पर प्रकाश डालते हुए स्वामी से जुड़े कई प्रसंग बताए। साथ ही युवाओं को महासभा से जुड़ने का आह्वान किया। संचालन महासचिव संजय अस्थाना ने किया। इस अवसर पर श्याम रतन श्रीवास्तव, दयाशंकर निगम, शशि श्रीवास्तव गुड्डू, राजेश श्रीवास्तव, डॉ. अशोक अस्थाना, आशीष श्रीवास्तव, ब्रह्म कुमार निगम, मोहित नारायण श्रीवास्तव, अर्जुन आदि उपस्थित रहे।
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