- बलुआ घाट में आयोजित हुई मजलिस में शामिल हुये अजादार
संजय शुक्ला
जौनपुर। कर्बला में जो कुर्बानी इमाम हुसैन ने दी, आज उसी की वजह से इस्लाम दुनिया में बाकी है, क्योंकि इस जंग में एक तरफ दुश्मने मोहम्मद थे और दूसरी तरफ उनका नवासा। दुश्मन सब खत्म हो गये आज उनका कोई नाम लेने वाला नहीं है जबकि मोहम्मद और उनकी आल का नाम आज भी बाकी है जिसका वादा अल्लाह ने कुरआन में किया है। यह बातें मुज़फ्फरनगर से आये मौलाना सैयद मुज़्ज़फर हसनैन ने नगर के बलुआ घाट स्थित मेंहदी वाली जमीन पर आयोजित मरहूमा हसन बांदी व मरहूम सैयद इकबाल कमर शहज़ादे की मजलिसे तरहीम को संबोधित करते हुए कही।
उन्होंने आगे कहा कि अल्लाह ने मोहम्मद से वादा किया था कि तुम्हारे सभी दुश्मन खत्म कर दिये जाएंगे उनका नाम लेने वाला कोई नहीं रहेगा और इमाम हुसैन अ.स. की कुर्बानी के बाद ऐसा ही हुआ और यह कुर्बानी सिर्फ फातमा के घर वालों ने दी है। उन्होंने कहा कि यह घर अल्लाह के कितना करीब है इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि अल्लाह ने अपने सभी सिफात को इसी घर से मंसूब किया और महमूदियत की पहचान मोहम्मद, आला की पहचान अली, फातिर होने की पहचान फातमा, मोहसिन होने की पहचान हसन और एहसान करने का सिफात हुसैन को अता किया। अल्लाह फातिर है। उसने संसार को बनाया लेकिन जिसके सदके में बनाया वोह मोहम्मद की बेटी फातमा है। ज़मीन से लेकर आसमान तक जो कुछ भी बनाया है। सब कुछ जनाबे फातमा के सदके में ही बनाया है और इसका सबूत हदीसे किसा में मोहम्मद से लेकर हुसैन तक की पहचान जनाबे फातमा के जरिए करवाकर सबूत भी दे दिया। इस्लाम सलामती, अदल और इंसाफ तथा दयानतदारी का मजहब है।
इसके पहले कार्यक्रम की शुरूआत मेंहदी जैदी व उनके हमनवां की सोजख्वानी से हुई जिसके बाद शोहरत जौनपुरी, शाहिद हुसैन तल्ख जौनपुरी, शहंशाह जौनपुरी आर हुसैन ने बारगाहे अहलेबैत में अपने कलाम पेश किये। अंजुमन शमशीरे हैदरी के नौहेखा शहज़ादे सदर इमामबाड़ा ने दर्द भरे नौहा पेश किया।
इस अवसर पर मौलाना अली अब्बास, मौलाना शेख हसन जाफर, मौलाना मुबाशिर, वकार हुसैन, ज्ञान कुमार, राजेश श्रीवास्तव, शाहिद मेंहदी, मेराज हैदर, अजादार हुसैन, शावेज़, आरिफ अनस, अब्दुल हक अंसारी, मोहम्मद रशीद सहित अन्य लोग मौजूद थे। संचालन डॉ. इंतजार मेंहदी शोहरत ने किया। आयोजक सैय्यद अंजार क़मर, सै. हसनैन कमर दीपू, सै. अफ़रोज़ क़मर ने समस्त आगंतुकों के प्रति आभार व्यक्त किया।
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