शोहरत अली
मछलीशहर, जौनपुर। स्थानीय नगर के मोहल्ला खानजादा में बीती रात को इबरत मछलीशहरी के आवास पर दुर्गा अग्रहरी की अध्यक्षता में कवि गोष्ठी का आयोजन किया गया जिसमें मछलीशहर के जाने-माने श्रोतागण ने हिस्सा लिया।
कवि गोष्ठी की शुरुआत शम्स जौनपुरी ने मोहम्मद साहब की शान में नात पेश कर की, जिसके बाद ग़ज़ल का दौर शुरू हुआ। श्रोताओं ने शायरों पर प्रशंसा के फूल बरसाए। कार्यक्रम का संचालन इम्तियाज़ खान ने किया। कविता गोष्ठी रात्रि 9 बजे से रात्रि 11:30 बजे तक चली।
अकबर अली उर्फ़ मुन्ना, युनुस मछली शहरी, सैफ़ अली, सलाम, शमीम आदि ने गोष्ठी में खास श्रोता के तौर पर हिस्सा लिया। कविता गोष्ठी के आखिर में इबरत मछलीशहरी ने मौजूद सभी लोगों का शुक्रिया अदा किया और यह भी बताया कि अगली गोष्ठी 5 जनवरी 2026 को की जाएगी।
विभिन्न कविताएँ...
उसी को छोड़ दिया खानदान वालों ने।
बहोत गुरूर जिसे अपने खानदान पे था।।
(इबरत मछलीशहरी)
जीवन पर जब नफरत का अधिकार सफल हो जाएगा।
दम उल्फत का भरने वालो घर मक़तल हो जाएगा।।
(आज़मा मछलीशहरी)
किसी से आह वो गिरिया क्यूं करें हम।
सरे महफ़िल तमाशा क्यूं करें हम।।
(साबिर मछलीशहरी)
सुनसान हैं फ़ज़ाएं कोई रहगुज़र नहीं।
तन्हाई डस रही है कोई हम सफर नहीं।।
(रानू माली मछलीशहरी)
एक बार चढ़ा है तो चढ़ कर कहां उतरा है।
ये रंगे मोहब्बत तो हर रंग से पक्का है।।
(हनीफ मछलीशहरी)
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