Jaunpur News: कर्मयोग, मद्य निषेद्य एवं विकसित भारत विषयक गोष्ठी का हुआ आयोजन

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Jaunpur News: कर्मयोग, मद्य निषेद्य एवं विकसित भारत विषयक गोष्ठी का हुआ आयोजन
  • मुख्य अतिथि वेंकटेश्वर लू ने सामाजिक समरसता एवं जनजातीय उत्थान पर दिया जोर

जौनपुर। अपर मुख्य सचिव समाज कल्याण एवं सैनिक कल्याण विभाग उत्तर प्रदेश तथा महानिदेशक उपाम वेंकटेश्वर लू अखिल विश्व गायत्री परिवार के प्रतिनिधि डॉ. संजय चतुर्वेदी, इस्कान परिवार के दिव्य नितायी दास, जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चंद्र, मुख्य राजस्व अधिकारी अजय अम्बष्ट, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व राम अक्षयबर चौहान सहित अन्य की उपस्थिति में कलेक्ट्रेट प्रेक्षागृह में “कर्मयोग, मद्य निषेद्य एवं विकसित भारत” विषय पर एक महत्वपूर्ण गोष्ठी का आयोजन हुआ।

अपर मुख्य सचिव श्री लू ने दीप प्रज्ज्वलित करके कार्यक्रम का शुभारम्भ किया जिसके बाद जिलाधिकारी ने अपर मुख्य सचिव, अखिल विश्व गायत्री परिवार के प्रतिनिधि, इस्कॉन परिवार के प्रतिनिधि को बुकें, स्मृति चिह्न, अंगवस्त्रम देकर स्वागत किया। गोष्ठी में जनपद के कॉलेजों के प्राचार्यगण, शिक्षक, विभिन्न विभागों के अधिकारी, सामाजिक संस्थाएँ सहित अन्य स्टेकहोल्डर्स बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

जनजागरण, नशा-मुक्ति, सामाजिक सुधार तथा विकसित भारत अभियान के संदर्भ में मुख्य अतिथि श्री लू ने कहा कि प्रदेश में जनजातीय समाज को मुख्य धारा में जोड़ने, सामाजिक समरसता स्थापित करने तथा राष्ट्रीय एकता को सुदृढ़ बनाने हेतु राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि समाज की प्रगति तभी संभव है जब संकीर्णता समाप्त हो, आपसी सद्भाव बढ़े और “विविधता में एकता” के सिद्धांत को आत्मसात किया जाए। विभिन्न विभागों एवं समाज के सभी वर्गों के बीच कन्वर्जेन्स (समन्वय) विकसित करना अत्यंत आवश्यक है।

जिलाधिकारी डा. दिनेश चंद्र ने कहा कि समाज और प्रशासन के सामंजस्यपूर्ण विकास में आध्यात्मिक संगठनों का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने गायत्री परिवार की भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि गायत्री परिवार केवल एक संस्था नहीं, बल्कि विश्व स्तर पर धर्म, संस्कृति और संस्कारों के ध्वजवाहक के रूप में कार्य कर रहा है। यह संगठन गांव–गांव में पहुंचकर संस्कारित और जिम्मेदार नागरिक तैयार करने के अपने संकल्प को निरंतर आगे बढ़ा रहा है। उन्होंने उपस्थित सभी प्राचार्यों, शिक्षकों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों एवं समस्त नागरिकों से अपील किया कि वे समर्थ पोर्टल पर अपने मूल्यवान सुझाव अवश्य दर्ज करें।

गोष्ठी के प्रतिनिधि अखिल विश्व डॉ० संजय चतुर्वेदी ने कहा कि गायत्री परिवार केवल एक संस्था नहीं, बल्कि संस्कारवान मानव निर्माण का वैश्विक आंदोलन है। समाज में नैतिकता, सद्भाव एवं सेवा भावना जगाने का कार्य यह संगठन निरंतर कर रहा है। गोष्ठी में इस्कॉन परिवार के प्रतिनिधि दिव्य नितायी दास ने कहा कि कर्मयोग, राष्ट्रनिर्माण तथा भारतीय संस्कृति की गौरवशाली परंपरा पर विस्तृत उद्बोधन दिया।

दिव्य नितायी दास ने कर्म के तीन आयाम—कर्मभोगी, कर्मत्यागी एवं कर्मयोगी—का उल्लेख करते हुए कहा कि कर्मयोगी वह है जो व्यक्तिगत हितों से ऊपर उठकर राष्ट्र निर्माण के लिए योगदान दे। भारत के अमृत काल में प्रत्येक अधिकारी, कर्मचारी और नागरिक का दायित्व है कि वह अपनी सर्वोत्तम क्षमता के साथ देश को विश्व गुरु बनाने में सहभागिता निभाए। उन्होंने ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ के आदर्श को मानवता का सर्वोच्च संदेश बताते हुये कहा कि भारतभूमि पर जन्म लेना कोई साधारण घटना नहीं, बल्कि एक विशिष्ट जिम्मेदारी है। प्रत्येक भारतवासी का पहला कर्तव्य है कि वह अपने जीवन को महान भारतीय ज्ञान परंपरा के अनुरूप परिपूर्ण करे और तत्पश्चात पूरे विश्व का मार्गदर्शन करे। इस दौरान विभिन विद्यालय से आए प्राचार्यगण और अधिकारीगण को मुख्य अतिथि ने श्री भगवत गीता की पुस्तक भेंट किया।

जिलाधिकारी ने अपने लिखी पुस्तक कर्मकुभ को मुख्य अतिथि सहित मंचासीन अतिथियों को भेंट किया। मुख्य अतिथि ने सभी उपस्थित लोगों को नशा मुक्ति हेतु शपथ भी दिलाय। राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम संपन्न हुआ। अन्त में मुख्य विकास अधिकारी ध्रुव खाड़िया ने सभी का आभार किया। संचालन सलमान शेख ने किया। इस अवसर पर अधिकारीगण, बेसिक माध्यमिक शिक्षा विभाग के प्राचार्य शिक्षकगण, छात्र सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।


 


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