बृजेश यादव/राकेश शर्मा
खुटहन, जौनपुर। अपने लक्ष्य और उद्देष्य के साथ निरन्तर 120 दिन पूर्व से जिले के प्रत्येक ब्लाक के लगभग सभी ग्राम पंचायतों में अपना सत्संग सन्देश सुनाते हुये जयगुरुदेव धर्म प्रचारक संस्था, मथुरा के राश्ट्रीय अध्यक्ष संत पंकज जी महाराज कल सायंकाल अपने 120वें पड़ाव पर ग्राम बनुआडीह पधारे। स्थानीय भाई-बहनों ने गाजे-बाजे के साथ यात्रा का पुष्पवर्षा के साथ स्वागत किया।
सत्संग सन्देश सुनाते हुये महाराज जी ने कहा कि गृहस्थ आश्रम सबसे अच्छा आश्रम है। इसमें रहकर मेहनत-ईमानदारी से अपनी जीविका कमायें और समय निकाल कर चौबीस घण्टे में से घण्टा दो घण्टा भगवान की भक्ति करके अपना आत्म कल्याण भी कर लें। आये गये का सत्कार करके पुण्य भी कमा लें। मौत के वक्त लोग टकटकी लगा कर देखते हैं कि कोई हमें इस मौत की पीड़ा से बचा ले। लेकिन भाई-बहनों! कोई बचाने वाला नहीं है। ऐसे समय के सच्चे सेवक केवल महात्मा, महानजन होते हैं, जिन्होंने सुरत-शब्द योग की कमाई करके अपनी आत्मा को जगाकर परम पिता परमात्मा से अपने को जोड़ लिया हो। ऐसे महात्माओं के जीव मौत के समय कहीं से भी पुकारें तो महात्मा उनके समक्ष प्रकट होकर उनको मौत की पीड़ा से बचाते हैं। शब्द स्वरूपी संग हैं कभी न होते दूर।
हमारे गुरु महाराज परम सन्त बाबा जयगुरुदेव जी महाराज कहा करते थे कि बच्चा यह जयगुरुदेव नाम मेरा नहीं है, मेरा नाम तो तुलसीदास है। यह तो परमात्मा का जगाया और सिद्ध किया गया नाम है। मौत के वक्त कान में भी कोई दस बार जयगुरुदेव नाम बोल देगा तो भी मैं मिलूंगा और तुम्हें मौत की पीड़ा से बचाऊँगा। मैं समाज का नहलाने, धुलाने वाला सेवक नहीं हूं बल्कि तुम्हारा सच्चा सेवक हूँ। सेवक से सेवा ले लो यही आपकी चतुराई है। धन्य होते हैं महात्मा, ऐसी पीड़ा से बचाने के लिये ही महात्मा अथक परिश्रम व दया करते हैं।
संस्थाध्यक्ष ने कहा कि आप सबसे मेरी अपील है कि आप लोग शाकाहार को अपनायें, नषीले पदार्थों का परित्याग करें और अच्छे समाज के निर्माण में अपना योगदान दें। बाबा जयगुरुदेव जी महाराज ने अपने गुरु की याद में एक विष्व का अनूठा वरदानी मन्दिर बनवाया है। जहाँ पर 28 नवम्बर से 2 दिसम्बर तक दादा गुरु जी महाराज का 77वाँ वार्शिक भण्डारा सत्संग मेला आयोजित होगा, उसमें पधारियेगा। शांति व्यवस्था में पुलिस प्रशासन का सहयोग रहा। उन्होंने आगामी 28 नवम्बर से 2 दिसम्बर तक मथुरा में जयगुरुदेव आश्रम पर होने वाले पूज्यपाद दादा गुरु जी महाराज के 77वें पावन भण्डारे पर पधारने का निमन्त्रण भी दिया। कार्यक्रम में पुलिस प्रशासन का सहयोग रहा।
इस अवसर पर ऋषिदेव श्रीवास्तव, अरुण कुमार वर्मा, बाबूराम यादव, जियालाल बिन्द, गौरव यादव, उमेश चन्द्र, मनोज गुप्ता आदि उपस्थित रहे। जनजागरण यात्रा समापन पड़ाव हेतु ग्राम पटैला रसूलपुर के लिये प्रस्थान कर गई।
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