- महिला व परिजनों को पीटकर किया घायल
अरविन्द यादव
केराकत, जौनपुर। स्थानीय तहसील अंतर्गत थाना गौराबादशाहपुर क्षेत्र के लूरखुरी (जमुआरी) गांव में शुक्रवार की रात दबंगों का खौफनाक चेहरा सामने आया। करीब दो दर्जन नकाबपोश बदमाश असलहा व धारदार हथियार लेकर एक घर में घुस गए और महिलाओं सहित पूरे परिवार को बेरहमी से पीटा। इस हमले में कई लोग घायल हो गए, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। पीड़िता प्रभावती देवी ने बताया कि शुक्रवार की रात करीब 9:30 बजे गांव के ही निवासी विजय यादव पुत्र स्व. लालबहादुर यादव, रामचंद्र यादव पुत्र स्व. संता यादव तथा अजय यादव पुत्र रामचंद्र यादव की साजिश में यह हमला किया गया।
आरोप है कि उक्त लोगों ने लगभग दो दर्जन नकाबपोश बदमाशों को भेजा, जिन्होंने घर में घुसते ही मां-बहन की भद्दी-भद्दी गालियां दीं और जमकर तोड़फोड़ मचाई। बदमाश चिल्लाते हुए कह रहे थे कि विजय यादव, अजय यादव और रामचंद्र यादव से जो टकराएगा, उसका यही हाल होगा। इसके बाद उन्होंने परिवार के सदस्यों को लाठी-डंडों व धारदार हथियारों से पीटना शुरू कर दिया। पीड़िता ने बताया कि हमलावरों में एक व्यक्ति दीपक यादव पुत्र लखराज यादव को उन्होंने पहचान लिया, जो देवली (अमरा) गांव का निवासी है। आरोप है कि दीपक यादव ने पीड़िता की पोती का गमछा खींच लिया जिससे उसकी पहचान हो सकी। हमलावर जाते-जाते घर की लाइट तोड़ गए तथा घर में रखा खाने-पीने का सामान और मोबाइल चार्जर भी उठा ले गए।
साथ ही पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दी। इस हमले में अरविंद यादव, दिवाकर यादव और पोती गुरुप्यारी को गंभीर चोटें आई हैं। वहीं प्रभावती देवी और उनकी बहू को भी अंदरूनी चोटें आई हैं। पीड़िता ने बताया कि यह पहली घटना नहीं है। इससे पूर्व भी उनके परिवार पर दो बार हमला हो चुका है, जिसकी शिकायत उन्होंने और उनके पुत्र रामआसरे यादव ने थाने में प्रार्थना पत्र देकर की थी, लेकिन कथित ऊपरी पहुंच के चलते अब तक कोई मुकदमा दर्ज नहीं हुआ। इसी कारण आरोपियों के हौसले बुलंद होते जा रहे हैं और तीसरी बार इस तरह का जानलेवा हमला किया गया।
घटना की सूचना पर पीआरवी डायल 112 पुलिस मौके पर पहुंची और जांच-पड़ताल की। इसके बाद पीड़िता व उसके परिजन थाना गौराबादशाहपुर पहुंचे और आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर सख्त कार्रवाई की मांग की। पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि विपक्षीगणों को थानाध्यक्ष का संरक्षण प्राप्त है, जिसके चलते न तो मुकदमा दर्ज हो रहा है और न ही उनकी सुनवाई की जा रही है। पीड़ित परिवार ने प्रशासन से न्याय की गुहार लगाते हुए आरोपियों के खिलाफ तत्काल मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी की मांग की है।
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