- आपरेशन सिन्दूर की सफलता पर हुआ पूर्व सैनिकों का सम्मान
- महाराणा प्रताप सेना के बैनर तले हुआ पूर्व सैनिकों का पराक्रम सम्मान
आज़मगढ़। आपरेशन सिंदूर की सफ़लता पर महाराणा प्रताप सेना की ओर से पूर्व सैनिकों का पराक्रम सम्मान हुआ। सर्वप्रथम सेना प्रमुख बिजेंद्र सिंह द्वारा मुख्य अतिथि विंग कमांडर कुमार राजीव रंजन का माल्यार्पण अंगवस्त्र, स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया। वहीं सेना के पदाधिकारी द्वारा विशिष्ट अतिथि कमाण्डो गिरीश चन्द्र राय, कैप्टन गिरीश चन्द राय, कैप्टन अभिराम सिंह, हरिहर सिंह का जोरदार स्वागत कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारम्भ किया गया।
मुख्य अतिथि जिला सैनिक एवं पुर्नवास अधिकारी विंग कमांडर राजीव रंजन ने कहा कि अगर आपरेशन सिंदूर दो वर्ष पहले होता तो मुझे बतौर विंग कमांडर देश की सेवा करने का अवसर मिलता लेकिन मैं नहीं तो एयरफोर्स में मेरे बेटे ने देश की इस लड़ाई में हिस्सा लिया। सभी को अपने जीवन में किसी ने किसी रूप में देश की सेवा में योगदान जरूर देना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि आपरेशन सिंदूर को भारतीय सेना ने जिस पारंगता व सटिकता से लड़ा है वह अद्वितीय है, जब भी न्युक्लिर शक्ति से लैस देशों में युद्ध होगा तो निश्चित ही दोनों तरफ क्षति पहुचेगी लेकिन हमारे सेना के युद्ध कौशल के कारण केवल हमारे दुश्मन देश को क्षति पहुंची। यह अजेय भारत के पराक्रम को प्रदर्शित करता है जिसे समूचा विश्व मानता है। ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन बड़े मंच पर किया जाएगा तो निश्चित ही देश के जवानों और नौजवानों के बीच एक नई सामंजस्यता बनेगी। महाराणा प्रताप जैसे महान शासक की देन है कि आज हमारी अस्मिता और पहचान बची हुई है। चाहे महाराणा प्रताप हो या आपरेशन सिंदूर हो हमारा राष्ट्र के प्रति प्रेम ही है जो हमें सदैव गौरवान्वित महसूस कराती है।
वहीं एनएसजी कमाण्डो गिरीश चन्द्र राय ने कहा कि कोई भी लड़ाई हो भारतीय सेना अपने मनोबल से लड़ती है और विजय हासिल करती है। जीवन में सदैव अपने मनोबल को उच्च शिखर पर रखना चाहिए। वहीं राष्ट्रीय अध्यक्ष बिजेंद्र सिंह ने कहा कि भारतीय सेना के अदम्य साहस को विश्व ने देखा है। देश के नौजवानों को भी चाहिए कि वे अपने देश के जवानों का हौसला अफजाई करें, ताकि हमारा गौरवशाली देश और भी शक्तिशाली हो सकें। उन्होंने यह भी कहा कि आगामी 19 जनवरी को सेना द्वारा एक विशाल कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा जिसमें हजारों पूर्व सैनिकों को सम्मानित करके देश में एक नई ऊर्जा का संचार करने का काम महाराणा प्रताप सेना करेगी। अन्य वक्ताओं में अशोक सिंह, वीरभद्र सिंह, संगठन मंत्री दीना नाथ सिंह आदि शामिल रहे।
समारोह में विंग कमाण्डर के हाथों सम्मानित होने वालों में सेवानिवृत्त कैप्टन हरिहर सिंह, श्यामा चरण सिंह, दुलारे सिंह, नंद लाल यादव, रणजीत सिंह, लाल चन्द्र यादव, जगधारी यादव, रघुनाथ पांडेय, रामनयन सिंह, रामरूप सरोज, नायब सूबेदार में बहादुर सिंह, तेज प्रताप सिंह, हवलदार मुनीब सिंह, मो फारूकी, सूबेदार रमाकांत यादव, राम सिंहासन यादव, नायब सूबेदार में जगदीश चंद शर्मा आदि शामिल रहे।
अंत में अध्यक्षीय संबोधन में कैप्टन हरिहर सिंह ने कहा कि अभी तक 3 सेना थी। अब महाराणा प्रताप सेना के माध्यम से देश को चौथी सेना मिल गई हैं जो राष्ट्रीयता से ओत-प्रोत है। वहीं कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष शैलेंद्र सिंह बादल और उनकी टीम द्वारा एक से बढ़कर एक देश भक्ति गीतों की प्रस्तुतियों से ऊर्जा का संचार किया गया। संचालन प्रदेश अध्यक्ष अनिल सिंह ने किया। इस अवसर पर संगठन के लल्लन राय, गुलाब राय, शिवम सिंह, दिनेश खण्डेलिया, अच्युतानंद तिवारी, मिथिलेश सिंह, राजेश सिंह सहित तमाम पदाधिकारी व सदस्यगण मौजूद रहे।
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